
आश्रम से मिली जानकारी के अनुसार वृंदावन के परिक्रमा मार्ग से संत प्रेमानंद महाराज सुबह 3.00 बजे अपनी पदयात्रा प्रारंभ करते थे और भक्तों को दर्शन देते थे. आश्रम की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि महाराज जी का स्वास्थ्य ठीक होने के बाद फिर से श्रद्धालु उनके दर्शन और एकांत वार्ता में शामिल हो सकेंगे.
बता दें कि प्रेमानंद महाराज की किडनी करीब 20 वर्षों से खराब है. लगातार उनका डायलिसिस होता है. इसके चलते स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव होता है. प्रेमानंद महराज के प्रतिदिन सुबह 3 बजे पैदल यात्रा पर निकलते हैं. इसके बाद वे एकांतिक वार्ता करते हैं. देशभर की बड़ी हस्तियां उनके दर्शन करने आती हैं. बीते मार्च महीने में ही राष्ट्रपति मुर्मू संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने केली कुंज आश्रम पहुंची थी. जहां उन्होंने दर्शन कर प्रेमानंद महाराज का सत्संग सुनकर आशीर्वाद लिया था. साथ ही प्रेमानंद महराज से एकांतिक वार्तालाप भी की थी. इस दौरान अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी.



