हेमचंद विवि ने विद्यार्थियों के हित में लिए अनेक निर्णय,जल्द मूल्यांकन करवाने हो रहा हैं कार्य

दुर्ग 2 जुलाई । हेमचंद विवि द्वारा सत्र 2020-21 में छात्रहित में अनेक निर्णय लागू किए गए हैं। इसका सीधा लाभ विवि में अध्ययनरत नियमित एवं स्वाध्यायी विद्यार्थियों को मिल रहा है।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति डा.अरुणा पल्टा की विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा हुई। पल्टा ने बताया कि पूर्व के वर्षों में विद्यार्थियों को आनलाइन परीक्षा आवेदन करते समय लिया जाने वाला प्रोसेसिंग शुल्क 35 रुपये सत्र 2020-21 से पूर्णतः माफ कर दिया गया है।
इसी प्रकार यदि किसी छात्र के आवेदन पत्र में छात्र द्वारा भूलवश कोई त्रुटि हो जाती थी तो उस त्रुटि के निराकरण हेतु संबंधित विद्यार्थी को महाविद्यालय में 120 रुपये देना होता था। कुलपति डा.पल्टा ने विद्यार्थियों के उपर आने वाले इस प्रकार के आर्थिक भार को कोविड-19 की परिस्थितियों में संज्ञान लेते हुए महाविद्यालय में पूर्णतः निश्शल्क त्रुटि सुधार प्रक्रिया लागू की हैं।
डा.पल्टा ने विद्यार्थियों को बताया कि उन्होंने प्राचार्यों की आनलाइन बैठक लेकर यह आग्रह किया था कि सत्र 2020-21 में कोरोना की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जनभागीदारी शुल्क न लिया जाए, जिस पर अमल करते हुए अनेक महाविद्यालयों ने विद्यार्थियों से लिया जाने वाला जनभागीदारी शुल्क लगभग 300-500 रूपये माफ कर दिया है।
विवि के पोटिया स्थित नवीन भवन निर्माण में देरी के संबंध में विद्यार्थियों द्वारा ध्यान आकृष्ट कराए जाने पर कुलपति ने कहा कि लाकडाउन की वजह से निर्माण कार्य में विलंब अवश्य हुआ है, परंतु अब स्थितियां सामान्य होने पर वे स्वयं निर्माण कार्य में तेजी लाने हेतु हरसंभव प्रयास कर रहीं हैं।
इस संबंध में उनकी लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों से चर्चा भी हुई हैं। विद्यार्थियों द्वारा विवि परिसर में दूरस्थ स्थानों से आने वाले विद्यार्थियों हेतु बैठक व्यवस्था, शैड लगाने आदि की मांग पर सहमति जताते हुए डा.पल्टा ने कहा कि शीघ्र इस संबंध में विवि विद्यार्थियों को और अधिक सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास करेगा
इस दौरान कुलसचिव.सीएल.देवांगन, डीएसडब्ल्यू डा.प्रशांत श्रीवास्तव, उपकुलसचिव डा.राजमणि पटेल, सहा.कुलसचिव एआर.चौरे, डा.सुमीत अग्रवाल, हिमांशु शेखर मंडावी उपस्थित रहे।
लाकडाउन के पहले परीक्षा की हो चुकी थी तैयारी
विद्यार्थियों द्वारा परीक्षा शुल्क की राशि वापस किए जाने संबंधी मांग पर डा.पल्टा ने बताया कि छह अपै्रल 2021 को लाकडाउन के पूर्व विवि द्वारा परीक्षा के आफलाइन आयोजन संबंधी संपूर्ण तैयारी जैसे- प्रश्नपत्रों की रचना, उनकी छपाई तथा प्रश्नपत्र परीक्षकों को मानदेय का नकद भुगतान आदि कर लिया गया था।
-जल्द मूल्यांकन करवाने हो रहा कार्य
र्तमान में भी सेमेस्टर तथा वार्षिक परीक्षाओं के मूल्यांकन का कार्य प्रगति पर है। प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता को नकद राशि भुगतान किया जा रहा है। सभी 138 महाविद्यालयों परीक्षा केंद्रों से उत्तरपुस्तिकाएं विवि तक लाने हेतु विवि के वाहनों के डीजल खर्च एवं रखरखाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई हैं।
डा.पल्टा ने समस्त विद्यार्थियों को जानकारी दी कि विवि में किसी भी प्रकार के शुल्क लेने अथवा शुल्क वापसी का निर्णय राज्य शासन ही कर सकता है। विवि द्वारा अपने स्तर पर इस प्रकार के वित्त संबंधी निर्णय नहीं लिए जा सकते हैं।



