डेंगू का खतरा:डेंगू मरीज मिली, शहर में 129 टीमें करंेगी सर्वे

- 5 साल से डेंगू प्रभावित है शहर, बारिश में साफ पानी जमा होने और तापमान गिरने से बढ़ा खतरा
दरोगापारा में रविवार शाम डेंगू का एक और मरीज मिला है। दो दिन इसी मोहल्ले में एक युवती डेंगू पीड़ित पाई गई थी। शहर में अब तक डेंगू के चार मरीज मिल चुके हैं। तीन दिन तक बुखार आने के बाद दरोगापारा इलाके की दूसरी युवती ने जांच कराई तो रविवार को डेंगू पॉजिटिव पाई गई।
डेंगू किट से जांच के बाद एलाइजा टेस्ट सैंपल भी भेजा गया है, सोमवार को पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को दरोगापारा इलाके का सर्वे किया। मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री निकाली गई तो पता चला कि वह व्यक्ति दिल्ली से आया था। वहां से आने के बाद दूसरे दिन से ही बुखार आने लगा। सोमवार से स्वास्थ्य विभाग के अमले ने दरोगापारा इलाके में सर्वे शुरू किया। जो भी मरीज अभी तक शहर में मिले हैं वह दूसरे शहरों से आए हैं। पहले जूट मिल लेबर कॉलोनी और ढिमरापुर रोड के कृष्णा विहार के मरीज मिले थे।
जमे हुए पानी हटाने का अभियान शुरू किया
डेंगू के मरीज बढ़ने के बाद अब कूलर और पानी टंकियों में जो पानी जमा है उसे हटाना शुरू किया है। डेंगू के लिए 129 टीम बनाई गई है, जिसमें 3-3 कर्मचारी शामिल हैं। सफाई सुपरवाइजर, मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है जो हफ्ते में एक या दो अभियान चलाएंगे, जिन इलाकों में मरीज मिले वहां लगातार सर्वे किया जा रहा है।
लार्वा को रायपुर में टेस्ट भेजा जाएगा
शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रबंधक डॉ राकेश वर्मा ने बताया कि दरोगापारा में सोमवार को लार्वा की जांच की गई है। जमा पानी का सैंपल लेकर लार्वा जांच के लिए रायपुर भेजा जाएगा। शहर में एंटेमोलॉजिस्ट नहीं हैं। स्वास्थ्य अधिकारी जी ईश्वर राव ने बताया कि नगर निगम ने टेमीफॉस और मेलाथियान दवाई उपलब्ध है, एक-एक बार शहर में फॉगिंग भी हो चुकी है। 40 लीटर मेलाथियान स्वास्थ्य विभाग ने दी थी, 10 फॉगिंग मशीनें भी हैं, लगातार फॉगिंग करा रहे हैं। इधर मलेरिया अधिकारी डॉ टीजी कुलवेदी ने बताया कि अभी तक जो मरीज मिले हैं उसमें कोई गंभीर मरीज नहीं मिले हैं, लेकिन साफ पानी नहीं रखा इसी से ही लार्वा पनपता है।



