रायगढ जिला

परेशानी:कोरोना थमा, पर न तो नशा मुक्ति केंद्र शुरू हुआ, न कीमोथेरेपी सेंटर

  • स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित, जतन केन्द्र में नशा मुक्ति और पुनर्वास सेवा बंद

कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद भी स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवाएं सामान्य नहीं हो पाई हैं। मरीज बढ़ने पर विभाग का पूरा ध्यान कोरोना पर काबू पाने पर रहा, पुनर्वास वाली सारी सेवाएं बंद कर दी गईं। इसके बाद अब कोरोना वैक्सीनेशन पहली प्राथमिकता है। जिला पंचायत के सामने जतन केन्द्र में नशा मुक्ति केन्द्र शुरू नहीं हो सका है। केन्द्र सरकार ने नशा मुक्ति कार्यक्रम को देखते हुए ही इसे यहां खोलने के निर्देश दिए थे। वही मेंटल हेल्थ सहित मूक बधिर लोगों के लिए दी जा रही सेवाएं भी प्रभावित हई हैं।

जतन के प्रभारी डॉ सिद्धार्थ सिन्हा ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में यहां चल रही सेवाएं फिर शुरू की जाएंगी। इसकी तैयारी की जा रही है। नशा मुक्ति केंद्र शहर का पहला केंद्र होगा, जहां लोगों नशा छुड़वाने को लेकर काउंसलिंग होगी। दो डॉक्टर और काउंसलर की यहां पदस्थापना है। उल्लेखनीय है कि जतन केंद्र में फिजियोथेरेपी के साथ ही पुनर्वास वाले कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसके लिए जिलेभर से लोग यहां आते हैं। सेवाएं प्रभावित होने से लोगों को परेशानी है।

शुरू नहीं हुआ कीमोथेरेपी सेंटर
कैंसर के मरीजों की कीमौथैरेपी रामभाठा स्वास्थ्य केन्द्र में शुरू की जानी थी लेकिन यहां सेंटर नहीं खुल सका है। इसके साथ ही सारंगढ़ में भी डॉ. सुनील पटेल का बाकायदा के इसके लिए प्रशिक्षण दिलाया गया था लेकिन अब तक सारंगढ़ में भी सेंटर नहीं खुला है। स्वास्थ्य विभाग यहां महीनों से कीमोथेरेपी सेंटर शुरू करने की तैयारी की बात कहता रहा है लेकिन न तो रायगढ़ में सेंटर शुरू हुआ और न ही सारंगढ़ में मरीजों की कीमोथेरेपी शुरू की जा सकी है। नोडल अफसर डॉ टीके टोंडर ने बताया कि शहर सेंटर खोलने के लिए नए सिरे से प्रयास कर सरकार को प्रस्ताव भेजना होगा, प्रस्ताव इसी महीने भेजा जाएगा।

रामभाठा में शुरू हुई फिजियोथेरेपी
रामभाठा स्वास्थ्य केन्द्र में फिजियोथेरेपी सेंटर खोला गया है। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद यहां लोगों की फिजियोथेरेपी कराई जा रही है। इससे पहले तक जतन में फिजियोथेरेपी होती थी। रामभाठा सेंटर में फिजियोथेरेपिस्ट को पदस्थ किया गया है।

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