बिलासपुर में बारिश ने 9 साल का रिकार्ड तोड़ा:सामान्य से 23 फीसदी अधिक बारिश; आज और कल भारी बरसात की चेतावनी भी, फसल खराब होने का डर

बिलासपुर में मानसून की अतिरिक्त सक्रियता के चलते जिले में इस महीने 627.6 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कि सामान्य से 23% ज्यादा बारिश है। यह जुलाई में पिछले 9 सालों में हुई सबसे अधिक बारिश है। लगातार पानी गिरने से नदी, नाले तो उफान पर हैं, खेतों में धान की फसल भी डूब गई है। यही स्थिति रही, तो आने वाले दिनों में फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जाने लगी है। उधर मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
2012 में सबसे अधिक हुई थी बारिश, फसलों को तब हुआ था नुकसान
जिले में इससे पहले साल 2012 में 605.4 मिमी रिकार्ड वर्षा दर्ज की गई थी । उस वर्ष भी फसलों को काफी नुकसान हुआ था। इस साल जुलाई की शुरुआत में बारिश गायब थी , तेज गर्मी और उमस ने सभी को परेशान कर दिया था, बारिश बंद होने के कारण नदी , नालों के साथ किसानों के खेत भी सूख गए थे। फिर 20 जुलाई के बाद से बारिश का दौर शुरू हो गया। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश गुरुवार को थमी।
फैक्ट फाइल, 2011 से अबतक कितनी हुई बारिश
| साल | बारिश (मिमी) |
| 2011 | 265.0 |
| 2012 | 605.4 |
| 2013 | 286.2 |
| 2014 | 366.0 |
| 2015 | 231.1 |
| 2016 | 364.6 |
| 2017 | 287.5 |
| 2018 | 195.9 |
| 2019 | 302.9 |
| 2020 | 318.7 |
| 2021 | 627.6 अब तक |
शुक्रवार और शनिवार को है भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में एक बार किसानों और निचले इलाकों में रहने वाले शहर वासियों की चिंता बढ़ गई है।
कृषि एक्सपर्ट ने कहा किसान 2 दिन बाद शुरू करे बोनी
कृषि विभाग में उपसंचालक के पद पर पदस्थ शशांक शिंदे ने बारिश को लेकर कहा, “अगर तेज बारिश हुई तो हाल ही में रोपा और बोता किए गए फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे फसलों वाले खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था किसानों को करनी चाहिए ताकि वे डुबान में न जा सके। आगे उन्होंने कहा जो किसान दलहन तिलहन वाले फसलों की बोनी करने की सोच रहे उन्होंने ऐसे किसानों को मौसम विभाग की ओर से दी गई चेतावनी को ध्यान में रखते हुए 2 दिन का इंतजार करना चाहिए”



