कबीरधाम विशेष

कोरोनाकाल:अधूरी तैयारी के बीच खुलेंगे स्कूल, 334 भवन खराब गिर रहे प्लास्टर, 20% शिक्षकों को नहीं लगा टीका

  • अफसरों ने प्राचार्यों व संकुल समन्वयकों की बैठक लेनी शुरू की, स्कूल खोलने के लिए दिशा-निर्देश समझा रहे

शासन के निर्देश पर 2 अगस्त से दसवीं व बारहवीं की 202 हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है। वहीं जिले के कक्षा पहली से आठवीं तक के 1402 प्रायमरी व मिडिल स्कूलों को खोलने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की पालक समिति की अनुशंसा की बैठकें भी होने लगी हैं। इन सब तैयारियों के बीच जिले में स्कूल भवनों की बुरी हालत है। 334 प्रायमरी, मिडिल, हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में 7 साल से मरम्मत तक नहीं हुई है। ऐसे में स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के दौरान असुविधा होगी।

जिले में खस्ताहाल स्कूलों की जानकारी भास्कर ने पहले ही सामने लाई थी, इसके बाद विभाग ने स्कूल भवनों के मरम्मत के लिए सक्रियता दिखाते हुए साल 2020 के मरम्मत के बचे हुए पैसे को जिला पंचायत को जारी किया था। लेकिन जिला पंचायत के अधिकारी अब स्कूल खुलने की जानकारी होने के बाद भवन की मरम्मत के लिए कार्य एजेंसियों को पैसे जारी कर रहे हैं। इसके साथ ही इस साल स्कूलों के मरम्मत के लिए सचिवालय द्वारा समय पर राशि नहीं भेजी गई है।

ऐसे में भवनों की मरम्मत नहीं की जा सकी है। शिक्षा विभाग की मानें, तो उन्हें सचिवालय से 8 दिन पहले ही स्कूलों के मरम्मत के लिए राशि मिली है, जिसके कारण स्कूलों के मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में अब स्कूल खोले जाने के बाद छात्रों को टूटे हुए फर्श और छत के उखड़े प्लास्टर के नीचे बैठना होगा।

जिले में शासन से स्कूल खोलने की अनुमति मिलने के बाद भी अब स्कूलों की मरम्मत कराने के बजाय सीधे उनकी साफ-सफाई में प्रबंधन जुट गया है। प्रायमरी व मिडिल स्कूल के बच्चों के लिए जून-जुलाई और अगस्त महीने के चावल राशन दुकान से प्राप्त कर सुरक्षित जगह में रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही छात्रों के मध्याह्न भोजन में साफ सफाई के निर्देश दिए गए हैं। कक्षा लगाने से पहले सभी स्कूलों को सैनिटाइज किया जा रहा है।

80 से 85% शिक्षकों ने टीका लगवा लिया: डीईओ
बेमेतरा ब्लॉक में 116, बेरला ब्लॉक में 78, साजा और नवागढ़ ब्लॉक में 140 स्कूल खराब स्थिति में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति सबसे खराब है। पालक कोरोना संक्रमण से कम और खस्ताहाल स्कूलों की स्थिति से ज्यादा डरे हुए हैं। जिले में 20 प्रतिशत शिक्षकों को टीके का पहला व दूसरा डोज लगाया जाना बाकी है। जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने कहा कि स्कूलों के निर्माण कार्य के बारे में संबंधित एजेंसी ही बता पाएंगे।

शिक्षा विभाग के पास सचिवालय से स्कूलों के मरम्मत के लिए पैसे आते हैं। उसे जिला पंचायत को दे दिया जाता है। फिर वे स्कूलों के मरम्मत कराने अलग-अलग निर्माण एजेंसी को देते हैं। हमें जानकारी मिली है कि 80-85 फीसदी शिक्षकों ने टीका लगवा लिया है। 2 अगस्त से स्कूल खोला जाना है, इसलिए पालकों की बैठक इससे पहले कर रहे हैं।

स्कूलों व कुर्सी-टेबल की सफाई में भी लगेगा समय
स्कूलों की सफाई के निर्देश दिए जा चुके हैं लेकिन इनकी सफाई भी आसान नहीं होगी। लंबे समय से स्कूल बंद होने के कारण कुर्सी-टेबल भी अस्त-व्यस्त होंगे। इसके साथ ही स्कूल पहुंच मार्गों की स्थिति भी खराब है। कई स्कूल के सामने पानी भरे हुए हैं। भरे पानी को निकालना भी चुनौती से कम नहीं होगा। लगातार बारिश के कारण स्कूल परिसर की बुरी हालत है ऐसे में जहरीले जीवों का डर भी बना हुआ है।

इधर स्कूल खोलने के लिए प्राचार्यों की बैठक शुरू
2 अगस्त से शाला खोलने के संबंध में बेमेतरा एसडीएम दुर्गेश वर्मा की अध्यक्षता में बैठक की गई। इस में 44 संकुल की 10 से 12 बजे और 1 से 3 बजे दो पाली में बैठक रखी गई थी और स्कूल खोलने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में बीईओ बेमेतरा, सीईओ डीएमसी बेमेतरा, एबीईओ, बीआरसीसी व बेमेतरा के समस्त प्राचार्य सह-संकुल प्रभारी व संकुल समन्वयक उपस्थित रहे

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