कबीरधाम विशेष

सावन माह कल से शुुरू:कोरोना; नहीं होगी कांवर यात्रा, खुला रहेगा भोरमदेव मंदिर

  • सावन में हर बार भोरमदेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, प्रोटोकॉल को लेकर सख्ती

हिंदू पंचांग के मुताबिक 25 जुलाई यानी रविवार से सावन माह शुरू हो रहा है। सावन महीने में महादेव को प्रसन्न करने के लिए हर साल कांवर यात्रा निकाली जाती है, लेकिन कोरोना के कारण लगातार दूसरी बार कांवर यात्रा नहीं होगी। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कांवर यात्रा के लिए अनुमति नहीं देने का फैसला लिया है। हालांकि, सावन में भक्तों के लिए ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर खुला रहेगा।

मंदिर में बाबा भोरमदेव के दर्शन के लिए भक्तों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य रहेगा। मुंह व नाक को मास्क से अच्छी तरह ढंकना होगा, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी जरूरी है। सावन में हर बार भोरमदेव मंदिर में बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती है। विशेष तौर पर सावन सोमवार को दीगर जिलों व राज्यों से लोग यहां भोरमदेव के दर्शन करने आते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। वहीं वैज्ञानिकों के कोरोना के तीसरे लहर की चेतावनी भी दी है। ऐसी स्थिति में प्रशासन कोई रिस्क नहीं लेना चाहती, लेकिन लोगों का नुकसान हो।

इस बार 4 सोमवार: भोरमदेव मंदिर के पुजारी पं. आशीष कुमार शास्त्री बताते हैं कि इस बार सावन माह 25 जुलाई से शुरू होगा, जो 22 अगस्त तक रहेगा। इस बार सावन माह में 4 सोमवार पड़ेंगे। पहला 26 जुलाई, दूसरा 2 अगस्त, तीसरा 9 अगस्त और चौथा 16 अगस्त को पड़ेगा। सावन माह में महादेव की पूजा-आराधना से भक्ताें पर भगवान की विशेष कृपा रहती है।

अभी चार महीने सृष्टि का संचालन करेंगे महादेव

हिंदू धर्म में चातुर्मास भगवान महादेव को समर्पित होता है। यह मास आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से शुरू होता है। इसे देवशयनी एकादशी कहते हैं, जो 20 जुलाई को था। पं. शास्त्री का कहना है कि ऐसी धार्मिक मान्यता है कि देवशयनी एकादशी से चार माह तक भगवान विष्णु पाताल लोक में विश्राम करते हैं। भगवान विष्णु कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि तक विश्राम करेंगे। इस एकादशी को देवउठनी एकादशी कहते हैं। भगवान विष्णु के विश्राम काल तक पृथ्वी का संचालन महादेव करेंगे। इस चातुर्मास के दौरान शिव का प्रिय मास सावन भी है।

घर पर रहकर करें पूजा, पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें
भोरमदेव मंदिर के पुजारी पं. आशीष शास्त्री का कहना है कि सावन माह में श्रद्धालु अपने घर पर ही रहकर भगवान महादेव की पूजा व अभिषेक करेंगे। ओम नम: शिवाय का जाप करें, तब भी उन पर भगवान की अनुकंपा रहेगी। संक्रमण काल में भीड़-भाड़ में जाने से लोग बचें। ताकि स्वयं व परिवार को संक्रमण का खतरा न रहे। कोरोनाकाल में सावधानी बरतना अनिवार्य है।

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