मौसम अपडेट:बादल छाएंगे पर तेज बारिश नहीं होगी, 30 बढ़ेगा तापमान

- शुरुआती बारिश के बाद रूठा मानसून, मौसम विभाग ने कहा- बंगाल की खाड़ी में सिस्टम कमजोर, अगले 3 दिन तक बूंदाबांदी होगी
मंगलवार सुबह धूप खिली रही। दोपहर के बाद बादल उमड़े लेकिन शाम को हल्की बूंदाबांदी के बाद आसमान फिर साफ हो गया। मौसम विभाग ने अब कहा है कि अगले कुछ दिन जिले के साथ ही प्रदेश में मूसलाधार बारिश के आसार नहीं हैं। तापमान भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ेगा।
जिले में जो बारिश हो रही है वह कम दबाव का क्षेत्र बनने से हो रही है, बंगाल की खाड़ी में सिस्टम या हवा की दिशा में बदलाव का असर कमजोर होने से बूंदों की झड़ी नहीं लग रही है। शुरुआती बारिश के बाद जुलाई में अब तक मानसून रूठा रहा है।
पिछले 10 दिनों में सिर्फ दो बार तेज बारिश हुई है। गरज-चमक हर दिन होती है लेकिन बादल बरस नहीं रहे हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया। थोड़ी देर तक के लिए बूंदाबांदी हर दिन होती है। धूप और बदली के कारण उमस बढ़ी है, तापमान कम होने के बाद भी गर्मी परेशान कर रही है।
मौसम विभाग ने कहा है कि कच्छ और पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा बना है। इसके और प्रबल होकर निम्न दाब के क्षेत्र में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है। इसके कारण पश्चिम से आने वाली मानसूनी हवा को चक्रवाती घेरा के इर्द-गिर्द समेटने की पूरी संभावना है। जब तक कोई खास मौसमी तंत्र ना रहे तब तक दक्षिण पूर्व से आने वाली हवा से अच्छी और व्यापक बारिश की संभावना कम है।
15 से 17 जुलाई तक इस स्थिति में परिवर्तन नहीं होने के कारण अच्छी बारिश की संभावना बहुत कम है। शाम या रात में हल्की अथवा मध्यम खण्ड वर्षा हो सकती है। 17 जुलाई के बाद पुनः हवा की दिशा पश्चिमी होने की संभावना है। इसके बाद तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही अनुमान है कि जिले में तापमान 33 से बढ़कर 35 तक हो सकता है।
जिले के 3 डेम में पानी कम
जिले में खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए मौसमी बारिश के साथ ट्यूबवेल का इस्तेमाल होता है। डेम के पानी पर निर्भरता कम रहती है लेकिन लंबी अवधि तक बारिश नहीं होने से डेम के पानी का इस्तेमाल खेती के लिए किया जाता है। इसके साथ ही मानसून के बाद लगने वाली फसल को पानी की जरूरत होती है। इस लिहाज से डेम में जलभराव अहम है। जुलाई में मूसलाधार बारिश नहीं होने से जिले के कुछ जलाशय खाली हैं। किंकारी जलाशय में मंगलवार तक जलभराव 11.89 प्रतिशत, केडार डेम में 25.07 और पुटका जलाशय में 15.47 फीसदी है।



