शिक्षा में देरी:मोहल्ला क्लास शुरू हुए एक माह बीता लेकिन मिडिल स्कूल के बच्चों को नहीं बंट पाई किताबें

- पहली से आठवीं तक के बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
जिले के संकुलों में अब तक कक्षा 1 ली से कक्षा 8 वीं तक की पुस्तकें नहीं पहुंची हंै। स्कूलों में 16 जून से सत्र शुरू होने के बाद मोहल्ला कक्षा शुरू हो चुकी है लेकिन पुस्तकों के नहीं बंटने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इधर पाठ्य पुस्तक निगम के अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि चार से पांच दिनों में संकुलों में किताबों की सप्लाई कर दी जाएगी। स्कूलों में छोटी कक्षाओं की मोहल्ला क्लास शुरू हो चुकी है। दूर-दूर डिस्टेंस में बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है जिसे मोहल्ला क्लास का नाम दिया गया है।
स्कूल नहीं खुलने की स्थिति में शिक्षक ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि आन लाइन पढ़ाई का विकल्प इन कक्षाओं में फिलहाल कारगर नहीं है। इसलिए स्कूल के शिक्षक मोहल्ले में जाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अब चूंकि जुलाई का आधा माह बीत रहा है और तकरीबन सभी जगहों पर मोहल्ला क्लास शुरू की जा चुकी है ऐसे में इन स्कूली बच्चों के पास पुस्तकें नहीं होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इधर पाठ्य पुस्तक के अफसर जल्द सप्लाई करने को गंभीर भी नहीं है। वर्तमान में जिले में 78 संकुलों में पाठ्य पुस्तकों की सप्लाई होनी है लेकिन पुस्तकें अब तक नहीं पहुंची है। इधर पाठ्य पुस्तक निगम के अधिकारी शेखर सिंग के अनुसार शासन का निर्देश है कि पहले दूरदराज के जिलों को पाठ्य पुस्तक की सप्लाई करनी है इसलिए गौरेला मरवाही आदि जगहों पर पुस्तक भेजी गई हैं। बिलासपुर जिले का नंबर अभी नहीं आया था इस वजह से पुस्तकें नहीं भेजी गईं।
शैलेष नितिन त्रिवेदी, अध्यक्ष, पाठ्य पुस्तक निगम
- अब तक मिडिल स्कूलों की पुस्तकें नहीं बंटी है क्यों?
- हाईस्कूलों में 100 फीसदी व मिडिल में 60 फीसदी पुस्तकें बंट चुकी है।
- बिलासपुर जिले के एक संकुल में भी पुस्तकें नहीं पहुंची है?
- ऐसा इसलिए क्योंकि पहले दूरदराज के स्कूलों में पुस्तकें बांटी जानी है।
- पिछले साल क्या स्थिति थी पुस्तक वितरण की?
- पिछले साल सितंबर में बांटी गई थी। इसलिए कह सकते हैं पिछले वर्ष से जल्दी दे रहे हैं।



