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अवैध मुरुम खनन जिसमें 20 से 30 डम्फर जेसीबी मशीन से मुरूम की अवैध खनन की जा रही है।

29/04/2021/ जिला दुर्ग, ग्राम थनौद में सरपंच की अपार कृपा एवं छत्र-छाया में चल रहा है अवैध मुरुम खनन जिसमें 25 से 30 डम्फर मशीन से मुरूम की अवैध खनन की जा रही है। और जेसीबी लगवाकर प्रतिदिन 200 से 250 ट्रीप मुरुम ले जानें का कार्य दिन-दहाड़े धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिसकी कोई भी रायल्टी नही है। और ना ही मुरुम खनन के लिए किसी प्रकार की कोई आवेदन खनन विभाग में या कलेक्टर महोदय को दी गई है। जो कि इसकी जानकारी लोगों के द्वारा पता चली और ये भी पता चला की ग्राम थनौद के वासियों द्वारा भी इनका विरोध किया जा रहा है। तो सीजी 09 के ब्यूरो चीफ़ द्वारा वहां पर जाकर जायजा लिया गया। और वहां पर देखा गया। कि वहां पर अवैध मुरूम खुदाई का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। इस लॉकडाउन में जहा लोग अपने जीवन को बचाने में लगे हुए है। वही कुछ लोग लॉकडाउन का गलत फायदा उठाकर अवैध खनन करने में व्यस्त है। अवैध खनन की जानकारी ग्रामीणों के द्वारा मिला। किन्तु अब तक यह कार्य लगातार चल रहा है किसी के द्वारा कोई की जाँच व कार्यवाही नही कराई गई |
ऐसा लगता है कि खनन अधिकारी मुरूम माफियाओं से सांठगांठ कर उनको बचाने में ही परेशान हैं। ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से मुक्त करना चाहिए। ऐसे भ्रष्ट अधिकारि जिनको जानकारी देने के पश्चात भी इनके द्वारा कुछ नही किया जाता केवल तत्काल वहां पर जाकर कार्यवाही करने की बात की जाती है। एवं कार्यवाही करने के बजाए बोला जाता है। दुर्ग जिले के खनन विभाग के अधिकारी कांग्रेस सरकार की छवि को धूमिल करना चाहते हैं। एक तरफ कांग्रेस सरकार कोविड महामारी से लोगों को बचाव करने में जुटा हुआ है। लेकिन दुर्ग खनन विभाग के भ्रष्ट अधिकारी अपने जेब गरम करने में जुटे हुए है। ऐसे तुच्छ अधिकारियों की वजह से कांग्रेस सरकार की छवि धूमिल हो रही है जहां एक तरफ हमारे सीएम, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिहदेव जी के द्वारा लोगों को घर से बहर ना निकलने की सख्त हिदायत दी जा रही है। वही ये लोग लॉकडाउन की सभी नियमों का उलंघन करते हुए काली कमाई करने में लगे हैं |

अब तक इन अधिकारियों को इतना भी जानकारी लेना नहीं बना कि 200 से ऊपर जो गाड़ियां डम्फर भरकर मुरम ले जाया जा रहा है। वह कहां जा रही है क्या उसकी रॉयल्टी है। क्या उसके कोई भी समर्थ कोई दस्तावेज है। लेकिन नहीं अधिकारियों को भी काली कमाई का ही शौक है। ऐसा प्रतीत होता है की भू माफियाओं से मिला हुआ है। माइनिंग अधिकारी पर कार्यवाही की जांच होनी चाहिए। एवं इनकी प्रापर्टी की जाँच की जानी चाहिए ताकि इनकी कालीकमाई का पता लगाया जा सके एवं इन्हें तत्काल इनके पद से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।

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