पूर्व विधायक योगेश्वर राज की मां नहीं रही,हम सबको कह गए अलविदा,यादें छोड़ गई


राजमाता की कार्य सहरानीय रहा , इनकी जीवन परिचय की कहानी
कवर्धा,25 अक्टूबर 2020/ कवर्धा रियासत की राजमाता रानी शशि प्रभादेवी का 80 वर्ष की अवस्था में शनिवार 24 अक्टूबर को निधन हो जाने से जिले में शोक व्याप्त है वह लंबे समय से बीमार चल रही थी जिनके रायपुर में इलाज चल रहा था अविभाजित मध्य प्रदेश के समय राजमाता दो बार विधायक रह चुकी है तथा उनके द्वारा कराए गए कार्य को लोग आज भी याद करते हैं उनके अंतिम दर्शन के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे थे अंतिम संस्कार राजा योगेश्वरा सिंह ने किया साथ में युवराज मखिलेश्वर सिंह मौजूद थे
*#स्व.रानी शशि प्रभा राज माता की जीवन गाथा की कहानी* महारानी शशि प्रभा देवी भजन उत्तर प्रदेश राज्य अंतर्गत सीतापुर जिले की मलकापुर स्टेट में राजा गंगा प्रताप सिंह एवं माता रानी सावित्री देवी सिंह के घर 17 फरवरी 1941को हुआ था इसके पिता राजा गंगा प्रताप कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे जिन्हें वर्ष 1926 में कमला नेहरू ने कांग्रेश प्रवेश कराया था कवर्धा विधायक से 1977 से लेकर 1980 तक राम राज्य परिषद से व 1980 से 1985 तक कांग्रेस पार्टी से विधायक के पद पर रही, कृषि के क्षेत्र में विशेष रूचि होने के कारण उन्हें कृषि क्षेत्रों में अमूल चूल परिवर्तन किए कई नहर नालियों का विस्तार वह बिजली पहुंच विहीन अनेकों गांव तक सड़क इन्हीं के कार्यकाल में बना दिल्ली तक कवर्धा विधानसभा की धमक उनके कार्यकाल में महसूस किया जाता था अब / मध्य प्रदेश की राजनीति में भी अच्छी खासी उनकी दखल थी उन्होंने धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में लगातार संतों की सेवा व विविध धार्मिक आयोजन के माध्यम से अपने पूर्वजों की गौरवशाली परंपराओं को पूरी निष्ठा के साथ निर्वाह किया वह धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज की जीवन श्रद्धा वन होकर समर्पित रहिए शशि प्रभा देवी की
#रानी की परिवार परिचय* दो पुत्रिया मंजरी देवी एवं वसुंधरा देवी तथा एक पुत्र राजा योगेश्वर राज सिंह पूर्व विधायक कवर्धा है
#शशि प्रभा देवी की रुचि क्या थी# रानी राज माता रानी शशि प्रभा देवी को इतिहास में शोध कार्य धार्मिक ग्रंथों का पठन-पाठन समाजिक कार्यों एवं कृषि में विशेष रुचि ज्योतिषी में भी रुचि थीं वे काफी सहज सरल व व्यवहारिक मृदुभाषी, मिलनसार थी तथा लोगों की समस्याओं का जल्द निवारण करने का कार्य भी करती थी जिसके कारण लोग उन्हें सम्मान भी देते थे
#अंतिम दर्शन के लिए लोग पहुँचे* रानी शशि प्रभा देवी का निधन 24 अक्टूबर 2020 रात्रि 1:00 बजे हुआ सुबह जैसे ही जिलेवासियों को इसकी खबर मिली राजमहल में उनकी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे दूर दराज के क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे थे राजमाता का शव देखकर सभी की आंखें नम हो गई थी दुख की इस घड़ी में राज परिवार के सदस्यों से मिलने व उन्हें संताना देने के लिए लोग राजमहल तक पहुंचे राज माता के निधन से राज महल की एक युग का समापन हो गया
#इन पदों पर थी आसीन* राज माता रानी शशि प्रभा देवी पति महाराज विश्वराज सिंह वर्ष 1977 मैं कवर्धा विधानसभा क्षेत्र से राम राज्य परिषद सीट से 17000 वोटों से विजय हुई थी 1970 से 1980 में रामराज्य परिषद में रहते हुए उपाध्यक्ष पद पर आसीन थी वर्ष 1985 में कवर्धा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर 21000 वोटों से विजय हुई थी वर्ष 1970 1980 में समाज कल्याण विभाग मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष वर्ष 1979 मध्य प्रदेश पंचायत समिति का सदस्य वर्ष 1984 में उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड वर्ष 1970 में मध्य प्रदेश आदिवासी हरिजन कल्याण विभाग 1976 राजनांदगांव जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर थी।
#छीरपानी जलाशय निर्माण में था उनका विशेष सहयोग# कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के विकास में शशि प्रभा देवी का विशेष योगदान रहा छीरपानी जलाशय का निर्माण उन्हीं के प्रयासों से प्रारंभ हुआ था कवर्धा एकमात्र शासकीय महाविद्यालय के संचालन के लिए उन्होंने अपना राज में उपलब्ध कराया था यही नहीं जब कवर्धा जिला बना तब भी अनेक कार्यो के संचालन के लिए राजमहल परिसर उन्होंने निशुल्क उपलब्ध कराया था इसी प्रकार शिक्षा चिकित्सा एवं कृषि के क्षेत्र में अन्य क्षेत्रों मेअविस्मरणीय हैं



