
Gauhati High Court On Pawan Khera: असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) की पत्नी रिनिकी भुयन सरमा (Riniki Bhuyan Sharma) के 3 पासपोर्ट वाले मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर गुवाहाटी हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा की याचिका कारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति पी.जे. सैकिया की अदालत में यह सुनवाई लगभग तीन घंटे तक चली, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और जवाबी तर्क-वितर्क हुए। इस दौरान पवन खेड़ा के वकील ने यह तक तर्क दिया था कि कांग्रेस नेता के देश से भागने का कोई खतरा नहीं है और उन्हें गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं है।
यह FIR गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 175 (चुनाव के संबंध में झूठा बयान), 35, 36, 318 (धोखाधड़ी), 338 (कीमती वसीयत, प्रतिभूति आदि की जालसाज़ी), 337 (कोर्ट के रिकॉर्ड या सार्वजनिक रजिस्टर आदि की जालसाज़ी), 340 (जाली दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना और उसे असली के तौर पर इस्तेमाल करना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), और 356 (मानहानि) के तहत दर्ज की गई है।
दरअसल कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पारिवारिक संपत्ति और वित्तीय लेन-देन को लेकर उनपर और उनकी पत्नी पर कई आरोप लगाएं थे। इसके साथ, उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट कैसे हैं? उनको तीन पासपोर्ट रखने की क्या जरूरत है? क्या वे कोई अपराधी हैं?’



