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बुध गोचर 2023: वृष में हो रहा है बुध का गोचर, जानिए राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा

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बुध गोचर 2023, बुध गोचर 2023: बुध ग्रह 7 जून 2023 को शाम 07:59 पर बुध ग्रह वृषभ राशि में गोचर जाएगा और 24 जून 2023 दोपहर 12:44 बजे तक इसी में रहेगा। इसके बाद बुध तुला राशि में प्रवेश होगा। वैदिक ज्योतिष में बुध बुद्धि और तर्क के कारक ग्रह जो प्रकृति में स्त्री हैं। बुध में तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं। आज हम बुध राशि के राशियों में गोचर होने से सभी 12 राशियों पर पड़ने वाले सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके दूसरे भाव में गोचर करेंगे। बुध की वृषभ राशि में गोचर आपके लिए उपयुक्त नहीं हो रहा है। इस दौरान आपको धन से संबंधित समस्या का सामना करना पड़ सकता है जिसके कारण असुरक्षा की भावना महसूस हो सकती है। रिश्तों में आपसी तालमेल की कमी के कारण अफवाह के साथवाद-विवाद होने की आशंका है। इसके अलावा आपकी प्रगति में भी मामूली हो सकते हैं।

उपाय: प्रतिदिन 41 बार “ॐ नरसिंहाय नम:” का जाप करें।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और अब ये ही राशि में गोचर करते हुए पहले भाव में विराजमान होंगे। बुध की वृषभ राशि में गोचर आपको धन लाभ प्रदान कर सकता है। साथ ही, आप बचत करने में भी सक्षम होंगे और अपने परिवार पर अधिक ध्यान देंगे। करियर की दृष्टि से, यह गोचर आपको नौकरी में अच्छे अवसर प्रदान करेगा और विदेश में भी नौकरी के बेहतर मौके मिल सकते हैं। आप अपनी बुद्धि का प्रयोग अपने काम में शानदार प्रदर्शन करने के लिए करेंगे और हर काम को अच्छे से पूरा करेंगे।

उपाय: प्रतिदिन 21 बार “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।

मेष राशि

तुला राशि के लिए बुध पहले और चौथे भाव के स्वामी हैं। बुध की वृषभ राशि में गोचर बारहवें भाव में होगा। ऐसे में आपको औसत लाभ की प्राप्ति होगी। इस दौरान पारिवारिक जीवन के साथ-साथ आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसके कारण आपकी खुशियां प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा आपकी नज़र में भी कमी देखी जा सकती है। करियर की दृष्टि से देखें तो बुध की वृषभ राशि में गोचर आपके लिए उपयुक्त नहीं हो रहा है। आशंका है कि आपको अपने काम के लिए पर्याप्त मेहनत नहीं मिली और इससे आपको निराशा हो सकती है। इस गोचर के दौरान कार्यक्षेत्र पर आपको उत्साह और विश्वास की कमी महसूस हो सकती है।

उपाय: प्रतिदिन 21 बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब बुध का ये गोचर आपके एकादश भाव में होगा। संभव है कि आप अपनी आय और व्यय के बीच एक उचित संतुलन बनाए रखने की स्थिति में न हों। इस समय धन हानि या कीमती सामान खोने की संभावना है। ऐसे में आपको यात्रा न करने की सलाह दी जाती है।

उपाय: प्रतिदिन 11 बार “ॐ चन्द्राय नम:” मंत्र का जाप करें

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध पंचमवें और दूसरे भाव के स्वामी हैं और बुध का यह गोचर आपकी राशि के दसवें भाव में होगा। बुध की वृषभ राशि में गोचर आपके लिए अनुकूल नहीं हो रहा है क्योंकि इस दौरान भाग्य का साथ नहीं दिख रहा है। आपको अधिक लाभ अर्जित करने और खुशी बनाए रखने के लिए समय का प्रबंधन व्यवस्थित करने की आवश्यकता हो सकती है। इस दौरान आपको कोई भी बड़ा निर्धारण निर्धारण से बचने की सलाह दी जाती है।

उपाय: प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध पहले और दसवें भाव के स्वामी हैं और अब बुध आपकी राशि से नवम भाव में प्रवेश करेंगे। बुध की वृषभ राशि में गोचर कन्या राशि के लिए अनुकूल सिद्ध होगा। इस दौरान आप अपने कार्य से प्रभावित होने में सक्षम होंगे। करियर के बंधन से यह अवधि आपके लिए शानदार बनी रहेगी। आपको इस दौरान नौकरी के नए अवसर प्राप्त होंगे जिससे आप भागीदार महसूस करेंगे। साथ ही, आप अपने काम में उलझ जाएंगे।

उपाय: बुधवार के दिन बुध ग्रह के लिए यज्ञ/हवन करें।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए बुध बारहवें और नौवें भाव के स्वामी हैं और आपकी राशि आठवें भाव में गोचर होंगे। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए औसत परिणाम लेकर आ सकता है। हो सकता है इस दौरान आपको भाग्य का साथ कम मिले और साथ ही, आपके काम के लिए भी पर्याप्त मेहनत न मिले। इसके अलावा, इस दौरान आप धन संचय करने में सक्षम हो सकते हैं और साथ ही करियर में संतुष्टि प्राप्त करने में देरी का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: प्रतिदिन 11 बार “ॐ श्री दुर्गाय नमः” का जाप करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुधवें और ग्यारहवें भाव के आठ स्वामी हैं और बुध की वृषभ राशि में गोचर आपके सातवें भाव में होगा। इस ट्वीट के दौरान व दोस्तों के साथ आपके रिलेशन मिले-जुले हो गए। इसके अलावा लाभ के साथ-साथ आपके खर्चे भी बढ़ेंगे। करियर की बात करें तो, इस अवधि में आप पर काम का दबाव बढ़ सकता है और साथ ही वरिष्ठों और सहयोगियों के साथ आपके संबंध बहुत अच्छे नहीं रह सकते हैं। अनुमान है कि कड़ी मेहनत और अच्छे कार्यक्षेत्र होने के बाद भी आपको अपने कार्यक्षेत्र में काम नहीं मिला।

उपाय: प्रतिदिन 27 बार “ॐ भौमाय नम:” मंत्र का जाप करें।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के छठे भाव में हो रहा है। इस दौरान आपको विवरण के साथ संबंध में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रेम बनाए रखने के लिए समायोजन बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

उपाय: गुरुवार के दिन बृहस्पति के लिए यज्ञ/हवन करें.

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के पांचवे भाव में होगा। आपके लिए बुध एक भाग्यशाली ग्रह है। इस दौरान आपका चढ़ाई आध्यात्मिक गतिविधियां और अधिक बढ़ जाती हैं और आप किसी धार्मिक तीर्थ स्थल की यात्रा पर जा सकते हैं। इस अवधि में आप लगातार प्रयास करते हुए नजर आएंगे और आपके अंदर सेवा भाव की भावना जाग्रत होगी।

उपाय: शनिवार के दिन शनि देव के लिए यज्ञ/हवन करें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध पंचम और आठवें भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के चौथे भाव में होगा। इस दौरान आपके परिवार के जीवन में नकारात्मक और सकारात्मक दोनों तरह के परिणाम प्राप्त होंगे। संपत्ति या जमीन खरीदने में धन का निवेश करना आपके लिए फल संभावित न होने की आशंका है। इस अवधि में आपकी रुचि संगीत की दिशा में है।

उपाय: प्रतिदिन “ॐ हं हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें।

औसत राशि

मीन राशि के लिए बुध आपके चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के तीसरे भाव में होगा। करियर के बंधन से, इस दौरान आपकी नौकरी में बढ़त देखने को मिलेगी। साथ ही, कुछ लोग अपनी नौकरी में बदलाव का विचार बना सकते हैं और बेहतर अवसरों के लिए विदेश में स्थानांतरित हो सकते हैं।

उपाय: बृहस्पतिवार के दिन वृद्धजनों को दान करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पहचान या पहचान की पहचान नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से एकत्रित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य सूचना सूचना है, इसका उपयोगकर्ता इसे सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की रहेगी..

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