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पुणे | पांच-नासिक हाईस्पीड रेल परियोजना मार्ग से जीएमआरटी साइंटिफिक सेंटर पर बुरा असर पड़ सकता है, खोजे जा रहे विकल्प

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जीएमआरटी

फोटो- एनी

फ़ाइट: केंद्र से दाएं-नासिक हाईस्पीड रेल परियोजना (पुणे-नासिक हाई स्पीड रेल परियोजना) को पुरातनपंथी स्वीकृति मिलने के बीच यहां जायंट मेट्रेवेव रेडियो टेलीस्कोप (जीएमआरटी) ने निरीक्षण एंटिना के निकट इस मार्ग पर ट्रेन की सतत प्रतिबद्धता से इस केंद्र के कामकाज में रुकावट आने की आशंका को लेकर चिंता व्यक्त की है। जब इस संबंध में महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन कॉर्पोरेशन (महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) (महारेल) के एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा कि जरूरी रिपोर्ट बरती जाएगी और सभी मुद्दों को हल किया जाएगा। GM RT 150-1420 हर्ट्ज़ का संचालन करता है और यह पुणे से करीब 80 किलोमीटर दूर खोडा में है। इनमें से 45 मीटर व्यास के 30 एंटिनाले हैं और इसके संचालन सिद्धांत अनुसंधान संस्थान के राष्ट्रीय रेडियो खगौल भौतिकी केंद्र (एनसी आरए) द्वारा चलाए जाते हैं।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (देवेंद्र फडणवीस) ने रविवार को कहा था कि रेल मंत्रालय ने पुणे-नासिक हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट को ‘सैद्धांतिक’ मंजूरी दे दी है जिससे इन दोनों शहरों के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा मिलेगा और उनके बीच बेरोकटोक कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी होगा। जीएमआरटी के सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यह हाईस्पीड रेल परियोजना के लिए जो मार्ग चुना गया है, वह नारायणगांव से पास है और यह केंद्र के एंटिना के 15 किलोमीटर के दायरे में है और कुछ एंटिना के तो बहुत करीब है ।

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उन्होंने कहा कि एक एंटिना से तो इस रेल परियोजना का मार्ग एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। सूत्र ने कहा, ”पूरा मार्ग इस कारण से (जी रोडी ऑपरेशन) बेहद खतरनाक हो रहा है क्योंकि जब उच्च रफ्तार वाली इलेक्ट्रिक ट्रेन उसके लिए विकल्प है तो उसका पैंटोग्राफ (ट्रेन को चलने के लिए इलेक्ट्रिक प्रवाह के विशाल ऊपर लग रहा है) उच्च क्षमता वाले तार को छूते हैं और .. इस दौरान जो चिगारियां बनती हैं वे अलग-अलग विकिरण छोड़ती हैं।”

एनसी राय के निदेशक यशवंत गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में रेल अधिकारियों के साथ इस केंद्र ने ‘बातचीत शुरू’ की है। उरद्र, महारेल के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार जायसवाल ने कहा कि रेल अधिकारियों के जीएमआरटी अधिकारियों से बातचीत हुई है और जब रेल लाइन का वास्तविक कार्य शुरू होगा तो इस बारे में और सभी मुद्दे सामने आएंगे। (एजेंसी)



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