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रायपुर कॉलम: दुनिया के गोठ- ठगों से बचने के लिए छत पर रहने वाले युवाओं को कोरोना में दिखाना जरूरी है

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प्रकाशन तिथि: | गुरु, 29 दिसंबर 2022 08:30 पूर्वाह्न (IST)

रायपुर (राजकुमार धर द्विवेदी)। रायपुर स्तंभ जोश में होश नहीं खोता है

कोरोना से डरना नहीं, बल्कि परास्त करना है। हम सब अगर सावधान रहेंगे तो कोरोना हमारा कुछ नहीं होगा। नया साल आने वाला है। यह संयम प्रदर्शित करता है। उत्साह से नया साल मनाएं। कुछ अच्छा करने का संकल्प लिया। जीवन में आगे बढ़ना। दोस्तों से सद्भावना बनाए रखें। चश्मे पर सटीक रहें, शारीरिक दूरी बनाए रखें। कोरोना के साथ ही नशे से भी दूर रहिए। कुछ लोग धूम्रपान करके नया साल मना रहे हैं। यह बहुत ही गलत है। नशे में शरीर को तो नुकसान ही होता है, मन भी नियंत्रण नहीं रहता और अनिष्ट प्राथमिकता है। अपने और घर-परिवार की खुशी के लिए यह लिंक बांध जुड़ा है कि कटई नहीं निकलती है। जोश में होश नहीं है। युवा साथियों का पूरा विचार है। उम्मीद की जानी चाहिए कि नए साल में सब शुभ होगा। लोग खुश होंगे। आंखों में आंसू नहीं होंगे। उल्लासपूर्ण माहौल रहेगा।

भिखारी की सीख

एक भिखारी ~ बड़ा आत्मीयता रखता है। पैसे दूं या न दूं, उसके व्यवहार में फर्क नहीं दिखता। मुझे देखकर खुश हो जाता है। एक दिन मैं उससे मिला तो उसने कहा, ‘नाक के बच्चे बाहर आ गए हैं, बाबू। आज घर जाना तो काट लेना।” मैं मुस्कुराया और बोला, ‘इतना ध्यान रखने के लिए धन्यवाद, भाई।” मैंने घर आकर शीशे में देखा, प्रत्यक्ष नाक के बाल खराब लग रहे थे। तुरंत उन्हें काटकर फेंका। घर के भिखारी के बारे में बताया तो सब लोग खुश हुए। पत्नी कहने लगीं, ‘कुछ लोग टोकाटाकी पसंद नहीं करते, इसलिए कमियां नहीं बताई जातीं। सामने वाला कमियां जरूर देखता है, लेकिन कहता नहीं। आजकल लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद करते हैं, इसलिए किसी को टोकना ठीक नहीं है।” बात सही है। जो अच्छी सीख देता है, उसकी बात को कभी भी नहीं लेना चाहिए, बल्कि खुद में सुधार करना चाहिए।

मीठी वाणी बोलिए, दिल में रहिए

नेतागण अक्सर जोश या भावना में बहकर अनर्गल बातें बोल जाते हैं। पिछले दिनों राज्यपाल पर कुछ कहते हुए एक नेताजी की जुबान चली गई। फिर क्या था! विवाद होने लगा। इसके पहले राष्ट्रपति पर एक नेता अनर्गल बोल गए थे। कोई भी हो, उसका सम्मान करना चाहिए। वाणी पर संयम बहुत जरूरी है। अपनी बात कहने के लिए काफी सुंदर शब्द हैं। विरोध भी अच्छे शब्दों में किया जा सकता है। अच्छी वाणी से आपका व्यक्तित्व दर्शनता है। आप नपे-तुले, संयमित भाषा में अपनी बात रखें, आपका सामने वाला भी पूरा समर्थन करेगा। जनता के बीच अच्छा संदेश जाएगा। कुछ नेता अफ़सर बड़े वचन बोलकर सोचते हैं कि वे ढाक सागर ले गए तो यह उनकी भूल है। लोग पद की गरिमा का ध्यान रखते या डरवश भले ही कुछ न बोलें, लेकिन वाणी से विपन्नन् व्यक्ति दिल में राज नहीं कर सकते। अच्छी वाणी, आपका जय-जयकार होगा।

ठगों से बचते रहें शिकार युवा

नौकरी असामान्य अटकलबाजी है। इसी का फायदा बुरे लोग उठा रहे हैं। नौकरी के लिए निकले युवा सभी लोगों से मिंट करते रहते हैं। कोई नौकरी लगवाने की सुविधा देता है तो वे उस पर आंख बंद करके गारंटी लेते हैं। उसे मिलियन रुपये दें। बदमाश लोग रुपये ठगने के बाद गायब हो जाते हैं। जब भी मिलते हैं तो डकैती करते हैं। मारने की धमकी देने वाले होते हैं। ऐसे बहुत से-समान युवा हैं, जो ठगों के झांसे में आकर पछता रहे हैं। उन सब को लेना चाहिए और किसी को नौकरी लगवाने के नाम पर रकम नहीं देनी चाहिए। अतिसंवेदनशीलता की स्थिति पर सरकार संवेदनशील हो। शीघ्र विवरण का विश्लेषण समाप्त करें। सरकारी नौकरी के लिए भर्ती के लिए पोर्टल पर जाएं। युवा कुछ अपना भी कारोबार करें, नौकरी के ही भरोसे न रहें। इससे परेशानी दूर होगी।

के द्वारा प्रकाशित किया गया: विनीता सिन्हा

नईदुनिया लोकल
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