छत्तीसगढ़ विशेषरायपुर जिला

2.5 डिग्री, सुबह जमने लगीओस,सरगुजाऔर बिलासपुर संभाग के जंगलों-पहाड़ों को कोहरे में डुबो दिया रायपुर में 13 डिग्री

उत्तर से आई ठंडी हवा ने छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से, खासकर सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जंगलों-पहाड़ों को कोहरे में डुबो दिया है। जशपुर के सन्ना और पंडरापाठ में रविवार को सुबह न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री तक पहुंच गया। वहां पहाड़ों में सुबह ओस की बूंदें जमने की खबरें आने लगी हैं। सिर्फ उत्तर छत्तीसगढ़ ही नहीं, मध्य का मैदानी इलाका भी तेज ठंड की चपेट में है। कवर्धा में रात का तापमान 7.2 डिग्री रिकार्ड किया गया और शीतलहर घोषित कर दी गई। बिलासपुर में भी शीतलहर के हालात हैं।

राजधानी रायपुर में रविवार की रात पिछले 10 साल के नवंबर महीनों में सबसे ठंडी गुजरी और तापमान 13 डिग्री पर पहुंच गया। इसके पहले 2012 में सबसे ठंडी रात का तापमान 13.3 डिग्री और 2015 में 13.5 डिग्री रिकार्ड किया गया था। पिछले साल नवंबर में ज्यादा ठंड नहीं पड़ी थी। तापमान 15.2 डिग्री ही पहुंचा था।

 सन्ना, सोनक्यारी, मनोरा, आस्ता और सोगड़ा में पहाड़ों से लगे खेतों में रविवार को सुबह खेतों में पहली बार हल्की ओस जमी और थोड़ी सफेदी नजर आई। वहां के लोगों ने बताया कि में ही ऐसा नजारा रहता था।मौसम विभाग ने उत्तर से आने वाली हवा के कारण अगले 24 घंटे में तापमान में और कमी के आसार जताए हैं। अगले दो-तीन दिन तक पूरे प्रदेश में जोरदार ठंड पड़ सकती है। रविवार को सुबह कवर्धा में तापमान में सर्वाधिक कमी दर्ज की गई। उत्तरी हिस्से में कोरिया जिले में सुबह का पारा 8 डिग्री और अंबिकापुर में 9 डिग्री रिकार्ड किया गया। कांकेर और दंतेवाड़ा में तापमान क्रमश: 9 और 9.8 डिग्री रिकार्ड किया गया।

 मौसम विज्ञानियों के अनुसार छत्तीसगढ़ में दिसंबर के अंत और जनवरी के पहले सप्ताह तक ठंड पड़ती थी, लेकिन चार-पांच साल से ट्रेंड थोड़ा बदला है। जनवरी के अंतिम और फरवरी के शुरुआती हफ्ते में ज्यादा ठंड पड़ रही है। उसी समय पहाड़ी इलाकों से ओस जमने की सूचनाएं आती थीं। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा का कहना है आने वाले दिनों में ठंड बढ़ेगी। पूरे प्रदेश में इसका असर रहेगा। जनवरी भी पूरा ठंडा ही गुजरेगा।

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