नक्सली करतूत:जवानों ने कहा था- आगे मत जाओ फिर भी 2 घंटे बाद चले गए, जहां 2 दिन पहले नक्सलियों ने पुल काटा वहीं ब्लास्ट

- बारसूर-पल्ली रोड के घोटिया मोड़ पर आईईडी की चपेट में आई मजदूरों से भरी गाड़ी, एक की हुई मौत
- घायल बोले- एक साथी को खोया, बाकी तड़प रहे थे, नक्सली क्यों जान के दुश्मन बन रहे
स्टेट हाइवे-5 गुरुवार को एक बार फिर दहल गया। बारसूर-पल्ली मार्ग पर घोटिया मोड़ के पास गुरुवार सुबह नक्सलियों की करतूत के कारण तेलंगाना जा रहे मजदूर आईईडी की चपेट मे आ गए। एक की मौत हो गई। जिस पुल पर ब्लास्ट हुआ है, उसे दो दिन पहले नक्सलियों ने काट दिया था। गड्ढों को जवानों ने भरा था।
घायल सुरेश और उनके भाई ने भास्कर को बताया कि हम 12 लोग बुधवार शाम 5 बजे राजनांदगांव के जामगांव से निकले थे। रोपा का काम पूरा कर अब रोजी-रोटी के लिए तेलंगाना जा रहे थे। पता चला था कि ये रास्ता अब बन गया है और शॉर्टकट है। गूगल मैप देखकर रास्ता पकड़ा। इस बीच जवानों ने हमें यह कहकर रोका भी कि आगे रास्ता सही नहीं है। हम 2 घंटे तक जंगल में रुके और फिर आगे बढ़ गए। सुबह 7 बजे अचानक बम ब्लास्ट हुआ तो सभी साथी चीखने लगे। हमारे साथी जैसे-तैसे कैंप तक पहुंचे और जवानों को बताया। आधे साथियों की हालत ठीक नहीं थी। पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया।
इस मोड़ को नक्सली अक्सर बनाते आए हैं निशाना
- 14 मार्च 2020 को इसी मोड़ पर नक्सलियों ने हमला किया था। सीएएफ के दो जवानों की शहादत हुई थी।
- 16 मार्च को एक बार फिर नक्सलियों ने बम बिछाए थे। जवानों ने 13 बम बरामद किए थे।
- 15 मार्च को रिमोट कंट्रोल आईईडी, पेट्रोल बम जवानों ने बरामद किए थे।
- 26 मार्च को आईईडी, पिट्ठू, कमांड आईईडी जवानों ने बरामद किया था।
घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे कलेक्टर

कलेक्टर दीपक सोनी भी घायलों से मिलने तुरंत ज़िला अस्पताल पहुंचे। घायलों का हाल जाना, घटना के बारे में जानकारी ली और बेहतर इलाज के निर्देश डॉक्टर्स को दिए। इधर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता छविंद्र कर्मा ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। आईजी और एसपी भी घायलों से मिलने पहुंचे।
जानिए, इसके पहले कब-कब सिविलियंस आए हैं नक्सलियों के निशाने पर
- मई 2010 को नक्सलियों ने दंतेवाड़ा से सुकमा जा रही यात्री बस को चिंगावरम में ब्लास्ट कर उड़ाया था। जिसमें 35 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी।
- साल 2014 को बीजापुर जिले के कुटरू में बस उड़ाई थी। जिसमें मतदान कर्मियों की मौत हुई थी।
- साल 2019 को नक्सलियों ने बीजापुर के नैमेड के पास आईईडी ब्लास्ट किया था। जिसमें 9 ग्रामीण घायल हुए थे।
- इसके अलावा भी नक्सलियों की लगाई आईईडी की चपेट टेटम सहित अन्य इलाकों में ग्रामीण घायल भी हुए हैं।
- दो महीने पहले दंतेवाड़ा में यात्री ट्रेन को भी नक्सलियों ने निशाना बनाया था।

जानिए, घोटिया मोड़ से जुड़ी ये बातें
- नक्सलियों की पूर्व बस्तर डिवीजन कमेटी ने 21 अप्रैल 2021 को इस इलाके में बैनर बांध चेताया था कि कोई भी दुकानदार, व्यापारी बारसूर-पल्ली सड़क पर निजी गाड़ी न चलाएं और न ही आम जनता पुलिस, प्रशासन की गाड़ी में बैठें।
- जिस पुल के नीचे बम लगाया, उसे 2 दिन पहले काट दिया था। जवानों ने इसे वापस भरा था।
- घटना स्थल से पुलिस ने करीब 100 मीटर तार भी बरामद किया है।
- नक्सली शहीदी सप्ताह, टीसीओसी में भी बड़ी घटना को अंजाम देने कामयाब नहीं हुए।
- नक्सल चेतावनी के बाद पहली बार निजी वाहन यहां से गुजरी और ब्लास्ट हो गया।
- नक्सलियों ने यहां कमांड आईईडी लगा रखा था।



