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एमएलएएस के साथ बैठकें शुरू, सोनिया से भी मिलेंगे; हाईकमान से नई जिम्मेदारी का संकेत

राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने से इनकार और अशोक गहलोत के पर्चा दाखिल करने की घोषणा के बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजस्थान में विधायकों से बातचीत शुरू कर दी है। पायलट की नजर राजस्थान में खाली हो रहे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर है।

सभी गुटों के कांग्रेस विधायकों से बात करना शुरू कर दिया है। इनमें वे विधायक भी शामिल हैं, जो कभी उनके कट्टर विरोधी माने जाते रहे। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सचिन पायलट का एक्टिव होकर विधायकों से बात करना नई जिम्मेदारी मिलने के सिग्नल के तौर पर देखा जा रहा है।

गहलोत के मंत्री गुढ़ा के सुर बदले, सभी ने हाईकमान पर फैसला छोड़ा

21 सितंबर को सचिन पायलट ने भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होकर राहुल गांधी से चर्चा की। पायलट अब कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगे। पायलट ने कहा कि सोनिया का फैसला सबको मानना है। इसी बात को गहलोत के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने भी दोहराया|

उन्होने कहा- हाईकमान जिसके नाम का ऐलान करेगा, हमारे साथ के 6 विधायक उनका समर्थन करेगा। वहीं SC आयोग अध्यक्ष और बसेड़ी विधायक खिलाड़ीलाल बैरवा और बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा दिल्ली में हैं, दोनों ने भी पायलट से बात की है।

हाईकमान तय करेगा CM, मैं कुर्सी छोड़ दूंगा

सियासी रस्साकशी के बीच अशोक गहलोत ने दैनिक भास्कर के स्टेट एडिटर (प्रिंट) मुकेश माथुर से बातचीत की है। बातचीत में गहलोत ने कहा कि अध्यक्ष बनूंगा तो कुर्सी छोड़ ही दूंगा। उन्होंने नए मुख्यमंत्री को लेकर कहा कि यह तो आलाकमान ही फैसला लेगा।

गहलोत ने चुनाव लड़ने ऐलान किया, नामांकन के लिए विशेष तैयारी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कोच्चि में कहा- मुझे राहुल गांधी से एक बार मिलकर अध्यक्ष बनने के लिए रिक्वेस्ट करनी थी, लेकिन, उन्होंने इनकार कर दिया। राहुल का कहना है कि इस बार गैर गांधी ही अध्यक्ष बनेगा, यह फाइनल फैसला है, गांधी परिवार से अध्यक्ष नहीं बनेगा।

सूत्रों के मुताबिक अशोक गहलोत 28 सितंबर को नामांकन दाखिल करने की तैयारी में हैं, इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। नामांकन के दिन कांग्रेस विधायकों को भी दिल्ली बुलाया जाएगा, गहलोत ने विधायक दल की बैठक में ही इसके लिए कहा था।

सचिन पायलट ट्विटर पर ट्रेंड, करीबी सोलंकी बोले- धैर्य रखें
कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में अशोक गहलोत के नामांकन करने की संभावनाओं के बाद से ही सचिन पायलट के समर्थक सक्रिय हो गए हैं। सचिन पायलट का हैशटैग ट्विटर पर ट्रेंड करता रहा। पायलट समर्थक सोशल मीडिया पर खूब कमेंट कर रहे हैं। वहीं पायलट समर्थक विधायकों ने शुभचिंतकों से शांत रहने की अपील की है।

दिग्विजय ने की गहलोत की तारीफ, कहा- उनमें तमाम खूबियां
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘जैसा हाईकमान आदेश करेगा, वैसा मैं करूंगा, पर कुछ बातें ऐसी हैं जिनके साथ मैं समझौता नहीं करता हूं।’ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उनमें वह तमाम खूबियां हैं जो कि एक राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए होनी चाहिए। दिग्विजय शुक्रवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में जबलपुर पहुंचे हैं।

गहलोत के बाद सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने को लेकर उन्होंने कहा, ‘मैं न विधायक हूं और न ही विधायक दल का नेता, इसलिए इस मामले में मैं कुछ नहीं कह सकता।

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कांग्रेस शासित सबसे बड़ा और अहम राज्य होने के चलते राजस्थान पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रहा है। वहीं अब अशोक गहलोत का नाम आने से राजस्थान कांग्रेस और देश की राजनीति में एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शोक गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे तो राजस्थान की राजनीति में किस तरह समीकरण बदलेंगे।

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गहलोत राष्ट्रीय कांग्रेस के चाणक्य कहे जाने वाले अहमद पटेल की खाली जगह को भर सकते हैं। अहमद पटेल की पैठ केवल पार्टी ही नहीं, विपक्ष के बाकी नेताओं में भी थी। ठीक इसी तरह अशोक गहलोत के भी कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं

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