गौ तस्करी की शंका में 20 से 25 ग्रामीणों ने की मारपीट, दान मिली गायों को लेकर अपने गांव लेकर जा रहे थे सभी

खंडवा में गौ तस्करी की शंका में जामली गांव के ग्रामीणों ने आदिवासियों की पिटाई कर दी। घटना के बाद पीड़ित आदिवासी ग्रामीणों की शिकायत करने थाने पहुंचे। पीड़ित आदिवासियों का कहना था कि वह गाँव के किसानों से दान मिली गायों को लेकर अपने गांव लेकर जा रहे थे ।
रात के समय जामली गांव में ही अपने रिश्तेदार के यहां रुके थे। उसी समय 20 -25 ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मारपीट करने वाले ग्रामीणों को बुलाया और दोनों पक्षों की बातचीत सुनी। पुलिस ने बताया कि मामला गौ तस्कर के बजाय गोदान का था और इसी गलतफहमी में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई बाद में समझौता भी हो गया|
एक बजे जामली गांव की है। नेपानगर थाना क्षेत्र के दहीनला के कुछ आदिवासी लोग खंडवा तहसील के खपरी, टाकली गांव में अपने परिचित किसानों के पास आए थे। यहां इन किसानों ने उन्हें गाय दान में दी थी। ऐसे लगभग 10,12 गाय लेकर यह लोग वापस अपने गांव लौट रहे थे। रात होने की वजह से वह जामली गांव में अपने रिश्तेदार के यहां रुके थे।
लगभग रात 1 बजे ग्रामीणों ने गौ तस्करी की शंका में उनके साथ मारपीट की। पीड़ित आदिवासियों का कहना है कि उन्होंने ग्रामीणों को खूब समझाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं सुनी और उनके साथ जमकर मारपीट की। पीड़ित आदिवासियों ने बताया कि लगभग 20 से 25 की संख्या में आए ग्रामीण थे, सभी ने लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की।
पीड़ित आदिवासियों की शिकायत पर खंडवा की कोतवाली थाना पुलिस ने पीड़ितों का मेडिकल करवाया और दोनों पक्षों से पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को गौ तस्करी की शंका हुई थी लेकिन हकीकत में वह गौ दान का मामला था। इसी गलतफहमी में विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामला निपट गया



