ग्रामीणों ने तीन पटवारियों को जमकर पीटा जानिए क्या है मारने की वजह

जांजगीर क्षेत्र के लछनपुर गांव का है। पटवारी बुद्धेश्वर देवांगन, अमोदा, धुरकोट के पटवारी बालमुकुंद राठौर और केरा पटवारी संतोष दास मानिकपुरी नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि तीनों 1 जून की रात महिला के रंगरेलियां मनाने के लिए गए थे। तभी पटवारी संतोष दास की पत्नी को कहीं से पता चल गया और वह बेटे के साथ बेलन लेकर महिला के घर पहुंच गई।
एक पटवारी की पत्नी पहुंची तो खुला मामला
इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। शोरगुल सुनकर आसपास के ग्रामीण भी एकत्र हो गए। इस पर पटवारी की पत्नी ने उन्हें सारी बात बताई। इसके बाद तो ग्रामीण भी भड़क गए। पटवारियों से सवाल-जवाब किये जाने लगे तो वे इधर-उधर ताकने लगे। इसके बाद ग्रामीणों ने लात-घूंसों से उनकी पिटाई कर दी। इस बीच पटवारी की साली भी डंडा लेकर पहुंच गई और महिला को पीटा। तीनों पटवारियों को महिला के घर से ग्रामीण बाहर खींच ले गए।
काफी देर तक हंगामा और मान-मनौव्वल चलता रहा। बताया जा रहा है कि इसके बाद लेनदेन से किसी तरह मामला निपटा। यह भी बताया जा रहा है कि पटवारी कई दिनों से उस महिला के घर आ रहे थे। हालांकि पूरे मामले में तीनों पटवारियों ने चुप्पी साध रखी है।
जिले में पटवारियों के दिन खराब
जिले के पटवारियों का दिन फिलहाल सही नही चल रहे हैं। पहले पामगढ़ और डभरा तहसील अंतर्गत दो पटवारियों का रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ। मामला बढ़ा और एक पटवारी की गिरफ्तारी तक हो गई। इसके बाद कोर्ट ने जमानत देने से भी इनकार कर दिया। पटवारी संघ इसको लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे



