प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का घोटाला न छुपा है न छुपेगा

सरकारी दावे की पोल खोल रही है| ये सड़ की तस्वीरें
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य में बेहतर सड़कों के निर्माण के सरकारी दावे की ये तस्वीरें पोल खोल रही हैं। विधानसभा में सरकार ने योजना के तहत सड़कों के निर्माण और गुणवत्ता में बेहतरी का जिक्र किया है|और अपनी पीठ थप-थपाई थी लेकिन गरियाबंद संभाग में योजना के तहत बनाई गई सड़कों की स्थिति बहुत ख़राब है| सड़क दुर्दशा देखकर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है जिससे सड़कों के निर्माण में बरती गई गड़बड़ी और भ्रष्टाचार साफ नजर आ रही है। दरअसल सरकार अधिकारियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय कर लेती है सबकुछ ठीक-ठाक है लेकिन वास्तविकता कुछ और होती है। दरअसल भ्रष्टाचार और गड़बडिय़ों को अंजाम देने वाले अधिकारी सत्य को छुपा कर सचिव और मंत्रालय स्तर के अफसरों को भ्रामक और गलत जानकारियां उपलब्ध कराते हैं और जमीन हकीकत पर परदा डालकर अपने विधिविरुद्ध कार्यों को अंजाम देते रहते हैं। वास्तविक तथ्य सामने नहीं आने से किसी योजना में बरती जा रही कमियों से सरकार अवगत नहीं हो पाती और अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को ही अंतिम मान लेती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में मैदानी अधिकारियों-ठेकेदारों की मिलीभगत से भारी भ्रष्टाचार कर सरकारी धन का बंदरबाट किया जा रहा है। छुटभैये नेताओं के संरक्षण के चलते ग्रामीणों की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती , कोई शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचती भी है तो जांच की खानापूर्ति कर शिकायतों को खारिज कर दिया जाता है।



