भगवान भोलेनाथ हुए न्यायालय में पेश, नायब तहसीलदार ने भेजा था नोटिस

अवैध कब्जा को लेकर रायगढ़ के नायब तहसीलदार विक्रांत राठौर के द्वारा 10 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया था। जारी किए गए नोटिस में छठवें नंबर पर भगवान शिव का भी नाम था। भगवान शिव को भी चेतावनी दी गई थी कि वे 25 मार्च को न्यायालय में उपस्थित हो, अन्यथा उनके खिलाफ 10000 रु जुर्माने की कार्यवाही की जाएगी। वही कब्जा किये गए भूमि से बेदखल किया जाएगा।
नोटिस जारी होने के बाद आज भगवान शिव की प्रतिमा को कौहाकुंडा स्थित मंदिर से निकलवा कर एक रिक्शे में रखा गया। रिक्शे में रखने के बाद शहर की सड़कों से होते हुए तहसील कार्यालय लाया गया। रिक्शा में भगवान शिव की प्रतिमा के साथ उस नोटिस को भी रखा गया जिसमें यह चेतावनी दी गई थी कि वे 25 मार्च को न्यायालय में उपस्थित हो। नोटिस जारी हुए 9 लोगों के साथ आज भगवान शिव की प्रतिमा को भी वार्ड पार्षद सपना सिदार व मोहल्ले वासियों के द्वारा तहसील कार्यालय ले जाया गया। जहां उन्हें पता चला कि आज मामले की सुनवाई नहीं होगी।

जानकारी के अनुसार रायगढ़ शहर के वार्ड क्रमांक-25 कौहकुंडा में एक शिव मंदिर है। सुधा राजवाड़े ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसमें शिव मंदिर समेत 16 लोगों पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने का आरोप है। हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय ने राज्य शासन व तहसीलदार कार्यालय को इसकी जांच करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश की तामिली करते हुए तहसीलदार कार्यालय ने 10 लोगों को नोटिस दिया है। कब्जाधारियों को जारी नोटिस में छठवें नंबर पर शिव मंदिर का नाम है। नोटिस में मंदिर के ट्रस्टी, प्रबंधक या पुजारी को संबोधित नहीं किया गया है, बल्कि सीधे शिव मंदिर यानी भगवान शंकर को ही नोटिस जारी किया गया है।



