लापरवाही से भरी ट्रेन यात्रा:काेराेना का खतरा बरकरार; यात्री बिना मास्क बच्चों के साथ कर रहे यात्रा, ट्रेन में खड़े होना भी कठिन

- लोगों में खौफ नहीं, प्लेटफार्म पर रेलवे व स्वास्थ्य विभाग की सख्ती भी कम
भास्कर न्यूज | जांजगीर त्योहारी सीजन आते ही ट्रेनों में भीड़ फिर से बढ़ने लगी है। लोग बेखौफ पैसेंजर ट्रेनों में एक दूसरे से सट कर यात्रा कर रहे हैं। सोमवार को दैनिक भास्कर ने बिलासपुर से नैला स्टेशन के बीच यात्रा कर व्यवस्था की पड़ताल की। बिलासपुर रायगढ़ मेमू लोकल में तीज मनाने के बाद मायके वापस लौट रही महिलाएं भीड़ के बीच बिना मास्क नन्हें बच्चों को साथ लेकर यात्रा करते नजर आई। तो भीड़ के कारण टॉयलेट के नजदीक खड़े होने की जगह नहीं मिलने पर यात्री आपस में लड़ते-झगड़ते मिले।
सुबह 10.40 बजे दैनिक भास्कर की टीम बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। गेट पर न तो किसी ने मास्क आदि की जांच की अौर न ही टिकट पूछा। ट्रेन अपने निर्धारित समय से 30 मिनट विलंब से पहुंची। ट्रेन के इंतजार में प्लेटफार्म पर यात्रियों की भीड़ एकत्रित हो गई थी। ट्रेन प्लेटफार्म पर जैसे खड़ी हुई, लोग भीतर घुसने के लिए टूट पड़े। इस दौरान महिलाओं के बीच धक्कामुक्की के कारण विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। कुछ लोगों ने बीच बचाव कर उन्हें शांत कराया।
रोजाना 600 से ज्यादा टिकटों की बुकिंग
पैंसेजर और मेमू लोकल ट्रेनों के लिए टिकटों की बुकिंग का प्रतिशत भी बढ़ गई है। जुलाई के शुरुआत में टिकटों की बिक्री प्रतिदिन सौ से डेढ़ सौ तक थी, जो कि अब बढ़कर प्रतिशत साढ़े 6 से 7 सौ तक पहुंच की है। यूटीएस प्रभारी के श्रीनिवास राव ने बताया कि अभी करीब 6 सौ से ज्यादा टिकटों की मांग है, जिनमें यात्री संख्या साढ़े सात सौ से अधिक है।
सफर के दौरान टिकट पूछने नहीं आए टीटीई
संक्रमण के खौफ से पैसेंजर व मेमू में टीटीई भी दूरी बना रहे हैं। रूट की सभी पैसेंजर और मेमू लोकल ट्रेनों में यात्रियों की संख्या अब बढ़ते जा रही है, ऐसे मेें रेलवे द्वारा टिकट जांच सख्ती से करने के निर्देश चल टिकट निरीक्षकों को दिए हैं। इसके बावजूद बिलासपुर से नैला के बीच सवा घंटे की इस यात्रा के दौरान एक भी टीटीई यात्रियों से टिकट पूछने नहीं आया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी बूथ से नदारत
नैला स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्लेटफार्म पर कोविड जांच के लिए बूथ बनाई गई है। इस बूथ में पूरे समय तीन लोगों की टीम मौज्ूद रहती है, लेकिन बिलासपुर रायगढ़ मेमू के समय पर एक भी व्यक्ति बूथ पर मौजूद नहीं मिला। इस दौरान बाहर से आए यात्री भी प्लेटफार्म से बाहर निकले और सीधे अपने घर चले गए।
नैला स्टेशन में किसी से पूछताछ नहीं
नैला स्टेशन में ट्रेन से उतरने के बाद यात्री बाहर निकलने लगे। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के बूथ पर किसी से कोई पूछताछ नहीं की गई। प्लेटफार्म के गेट पर न तो टीटीई मिले। और न ही मास्क नहंी लगाने वालों पर किसी तरह की कार्रवाई की गई। बेखौफ यात्री आराम से प्लेटफार्म से बाहर निकल गए।
बोर्ड से जनरल टिकट देने की अनुमति नहीं मिली
रेलवे बोर्ड द्वारा अब तक इस संबंध में किसी तरह का कोई आदेश नहीं मिला है। जैसे ही आदेश मिलेंगे एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए जनरल टिकट व पैसेंजर ट्रेनों के लिए एमएसटी की सुविधा दी जाएगी। रही जांच जांच की तो प्लेटफार्म बाकायदा यात्रियों की जांच और उनपर कार्रवाई की जा रही है।’’
-साकेत रंजन, सीपीआरओ एसईसीआर जोन



