कलम बंद, काम बंद आंदोलन:ओपीडी में डॉक्टरों की कमी से भटकते रहे मरीज, मेडिकल सर्टिफिकेट भी नहीं बने

- कर्मचारियों के छुट्टी पर चले जाने से अधिकांश सरकारी दफ्तरों में लगे रहे ताले
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के एक दिवसीय हड़ताल के कारण शुक्रवार को जिले के अधिकांश कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। जिला अस्पताल में भी आधे डॉक्टर समेत 25 अधिकारी कर्मचारी छुट्टी पर होने से दूरदराज से आए मरीजों को भटकना पड़ा। ओपीडी में सिर्फ डीएमएफ से पदस्थ डॉक्टर ही मिले। इसी तरह अन्य अति आवश्यक सेवाओं के लिए भी विभागों में दिक्कतों का सामना लोगों को करना पड़ा।
अस्पताल में बच्चे के इलाज के लिए आईबी गेस्टहाऊस निवासी यश पटेल को डॉक्टर नहीं होने के कारण वापस लौटना पड़ा। शुक्रवार को वेतन विसंगति, डीए समेत 14 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले कर्मचारी अधिकारी एक दिवसीय कलम बंद-काम बंद आंदोलन में रहे। सभी कर्मचारी सुबह से ही कचहरी चौक पर धरना दिया। धरना प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने सरकार के झूठे वादों को लेकर जमकर हल्ला बोला, वहीं घोषणा पत्र में शामिल मुद्दों से मौके पर मौजूद कर्मचारियों को अवगत कराया। साथ ही लंबित सभी मांगों के लिए आखिर तक लड़ने की बात कही। कार्यक्रम स्थल पर भारी संख्या में अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। आखिर में संघ अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस एक दिवसीय कलम बंद काम बंद आंदोलन से विभागों में कामकाज प्रभावित होने से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
एमएलसी कराने के लिए भटकते रहे पुलिस कर्मी
अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं होने के कारण एमएलसी के लिए पीड़ित को लेकर पहुंचे पुलिस कर्मी घूमते नजर आए। सिविल सर्जन भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए जिला पंचायत गए हुए थे। ऐसे हेड कांस्टेबल व जवान को एमएलसी के लिए एक घंटे तक अस्पताल में इंतजार करना पड़ा।
इन दफ्तरों में काम काज रहा प्रभावित
हड़ताल के चलते मुख्य रूप से एसडीएम कार्यालय, शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी सब डिवीजन, पीएमजेएसवाई, मुख्य मंत्री ग्राम सड़क, आरईएस जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग समेत लगभग शहर के अिधकांश दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी नजर नहीं आए। कई अधिकारी व कर्मचारी अवकाश पर होने के कारण कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहे।
इन मांगों को लेकर कचहरी चौक पर दिया धरना
- लिपिक, शिक्षक व स्वास्थ्य कर्मियों संवर्ग के वेतन विसंगति का निराकरण।
- अधिकारी कर्मचारी व पेंशनरों को जुलाई से 17 प्रतिशत व वर्तमान दर से 28 प्रतिशत मंहगाई भत्ता।
- छग वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 बकाया एरियर्स का तीन किस्तों में भुगतान।
- विभागों में संवर्गीय पदोन्नति, क्रमोन्नति, समयमान व तृतीय समयमान वेतन मान का लाभ
- सहायक पशु चिकित्सा व सहायक शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान।
- राजस्थान की तर्ज पर कोविड ड्यूटी के दौरान मृत कर्मियों के परिजनों को अनुग्रह राशि
- पटवारियों को पदोन्नति और लैपटॉप प्रदान किया जाए, कार्यालय में सिस्टम अपडेट कराए।
- तृतीय श्रेणी के पदों पर 10 प्रतिशत के बंधन को मुक्त कर समय सीमा में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों पर तेजी।
मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए शिविर रद्द
समाज कल्याण विभाग द्वारा शुक्रवार को दिव्यांग सर्टिफिकेट व अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए लगाए जाने वाले शिविर भी एक दिवसीय हड़ताल की वजह से बाधित रही। दूर दराज से सर्टिफिकेट बनवाने आए ग्रामीणों को खाली हाथ लौटना पड़ा। हड़ताल के कारण पूरा दिन कार्यालय सुना रहा। एक-दो कर्मचारी ही ऑफिस में नजर आए।
हमारा आंदोलन आज 99 % सफल रहा, जिले के सभी स्कूल व शासकीय कार्यालय बंद रहे। लोगों को थोड़ी परेशानी भी हुई, जिसके लिए सरकार शुद्ध रूप से जिम्मेदार है। यह हमारे पांचवे चरण का आंदोलन था। इसकी सूचना हमारे द्वारा पूर्व में दी गई थी। आगे भी यदि सरकार हमारी डीए समेत 14 सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं करती है, तो फेडरेशन प्रांतीय स्तर पर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होगा।’’
-विश्वनाथ परिहार, संयोजन कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन



