परेशानी:खाद की सप्लाई कम, सोसाइटियों में मिलती नहीं, दुकानों में दाम दोगुने

- सरिया व पुसौर में यूरिया एवं डीएपी की ब्लैकमार्केटिंग की शिकायत
यूरिया और डीएपी नहीं मिलने की वजह से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। समितियों में स्टॉक खत्म हो गया है। डिमांड इतनी ज्यादा है कि खाद का स्टॉक आते ही खत्म हो जाता है। दुकानों में खाद उपलब्ध है लेकिन किसानों की अधिक कीमतों पर खरीदना पड़ रहा है। खाद नहीं मिलने और ई-पॉश इंट्री नहीं होने की वजह से दो दिन पहले लैलूंगा के राजपुर सोसाइटी में किसानों ने हंगामा कर दिया। अफसर अगले चार-पांच दिन में खाद आने की बात कह रहे हैं।
बारिश कम होने से परेशान किसानों की चिंता खाद की कमी से और बढ़ गई है। किसानों को इस वक्त यूरिया की ज्यादा जरूरत है। पिछले हफ्ते यूरिया का रेक आया लेकिन डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम होने के कारण तुरंत खत्म हो गया। रविवार को कुछ प्राइवेट दुकानों में जब यूरिया और डीएपी की उपलब्धता देखी तो ज्यादातर दुकानों में यूरिया खत्म हो चुकी थी। एक दो दुकानों में स्टॉक उपलब्ध था लेकिन वहां 266 रुपए के बदले 450 रुपए बोरी कीमत बताई गई। डीएपी भी 1200 से 1250 रुपए में मिल रही है।
पुसौर के किसानों ने बताया कि डीएपी में 50 किलो में 1200 रुपए में मिल रहा है, वह बोरी अब 1400 रुपए में बिक रही है। यूरिया की 45 किलो की बोरी 500 रुपए में मिलने की बात कही। बारिश होने और बोर के पानी से अब धान का पौधा बन रहा है, इसे नर्सरी बनने में समय लगता है, अभी खाद डालने का समय है। डीएमओ एसके गुप्ता बताते हैं कि डीएपी और यूरिया का रेक आने के तुरंत बाद स्टॉक खत्म हो जाता है। पिछले हफ्ते यूरिया का रेक आया था उसके बाद अभी तक खाद नहीं आई है। अभी भी यूरिया का रेक आने में चार-पांच दिनों का समय लगेगा।
बारिश कम होने से जिले में सूखे जैसे हालात
जिले में बारिश की कमी के कारण सूखे जैसे हालात बने हैं। औसत बारिश के मुकाबले 84 प्रतिशत बारिश हुई है। जिले में पुसौर, तमनार, खरसिया और रायगढ़ ब्लाक में हालत सबसे ज्यादा खराब है यहां 80 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगले एक हफ्ते तक बारिश नहीं होने से स्थिति खराब हो जाएगी। सूखे जैसे हालात बनने से किसान चिंतित हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो-तीन दिन में जिले में भारी बारिश के आसार कम हैं।
उर्वरा इंस्पेक्टरों को जांच करने के लिए कहा गया
खाद के कीमतेें बढ़ने के बाद कृषि विभाग के उर्वरा इंस्पेक्टरों को इसकी जांच करने के लिए कहा गया है। दो दिन पहले सरिया में भी खाद की ब्लैकमार्केटिंग की शिकायतें आई थीं। जिला स्तर के अधिकारियों ने इसकी शिकायत की थी। वहां इंस्पेक्टरों को प्राइवेट दुकानों में रेट लिस्ट देखने के लिए कहा गया है। मशीन में इंट्री कर प्राइवेट दुकानों में बेचा जाना है, लेकिन मशीन में सर्वर या नेटवर्क प्राब्लम की वजह से इंट्री नहीं हो पाती। कई दुकानदार बाद में इसकी इंट्री करते हैं, किसानों को बाद में पर्ची लेने के लिए कहते है।



