कांकेर जिला (उत्तर बस्तर)
सूखाग्रस्त हो सकता है जिला:सूखे सावन में ढांढस बंधाने के लिए करीब आ गए बादल

इस बार कांकेर जिला सूखाग्रस्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अगस्त में जिले में झमाझम बारिश होती है लेकिन अगस्त के पहले दोनों सप्ताह सूखे गुजर गए। तीसरे सप्ताह में जरूर बारिश हो रही है जिससे राहत है। मंगलवार और बुधवार को बारिश हुई। गुरुवार को भी बादल छाए रहे जिससे शहर का मौसम बेहद सुहाना बना रहा। बादल शहर के बेहद करीब से गढ़िया पहाड़ से टकरा रहे थे।
औसत से 44 % कम बरसे बादल
इस साल जिले में अब तक औसत के मुकाबले मात्र 56 प्रतिशत ही बारिश हुई है। यानी 44 प्रतिशत बारिश कम हुई है। इससे किसान बेहद चिंतित हैं क्योंकि जिले के 75 प्रतिशत खेतों में मानसून के भरोसे खेती होती है। ये फोटो ली है भास्कर के पाठक डॉ. सचिन सिंग ने।





