स्वास्थ्य कर्मी ने इलाज के दौरान गवाई जान,ऑपरेशन से हुआ प्रसव


परिजनों ने शासन प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रही हैं

कवर्धा,24 मई 2021/ कोरोना बीमारी से स्वास्थ्य कर्मी की मौत ऑपरेशन से हुआ था प्रसव के बाद एक नवजात शिशु के सर से मां का साया छिन गया, अब परिजन के सामने शिशु की परवरिश को लेकर परेशानी बढ़ने लगी है दरअसल यह मामला कबीरधाम जिले के ग्राम लिमो की रहने वाली एक महिला जो स्वास्थ्य विभाग जिला मुंगेली में पदस्थ थी वह करो ना की चपेट में आ गई जिससे उसकी मौत हो गई मिली जानकारी के अनुसार कवर्धा विकासखंड अंतर्गत ग्राम लिमो निवासी प्रभा बंजारे उम्र 27 वर्ष पति भेषकुमार बंजारे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरवार खुर्द जिला मुंगेली में स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ थी 9माह से गर्भवती अवस्था में रहते हुए करो ना कॉल में ड्यूटी कर रही थी जिसकी अचानक तबीयत खराब होने पर कवर्धा के रूप जीवन अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव कराई गई कोरोना जांच पर पता चला कि वह करो ना पॉजिटिव है जिसके बाद उसे कमला क्लीनिक में भर्ती की गई थी तबीयत ज्यादा खराब होने पर वहां से श्री अनंत साईं अस्पताल रायपुर रिफर कर दिया गया जहां 10 दिन इलाज चला ऑक्सीजन लेवल कम होने एवं फेफड़ा में 80% इंफेक्शन होने के कारण 21 मई को दम तोड़ दी अब नवजात शिशु के सर से मां का साया छिन गया है जिस की चिंता परिजनों को सताने लगी है ज्ञात हो कि इस करो ना काल के दूसरे लहर ने जिले के 279 से अधिक लोगों की मौत की नींद सुला दिया है इस महामारी ने किसी का पति तो किसी का बेटा चपेट में ले लिया है इसमें कई युवा भी शामिल है असमय हो रही मौत के तांडव को देखकर लोगों में खौफ सी आ गई है इस बीमारी से लोगों में डर से पैदा हो गया है शासन प्रशासन इसकी चिंता तो कर रही है लेकिन विशेष रूप से अगर ध्यान दें तो इसमें निजात मिल सकता है अब देखना यह होगा की इस महिला स्टाप नर्स को न्याय मिलती है कि नहीं क्योंकि यह महिला अस्वस्थ होते हुए भी अपने कर्तव्य को इमानदारी पूर्वक निर्वाहन कर रही थी और अचानक ड्यूटी करते हुए तबीयत खराब हो जाने के कारण उनकी मौत हो गई,जबकि शासन ने गर्भवती महिलाओं के लिए मात्रिक अवकाश छुट्टी की घोषणा की है तो फिर उस बेबस स्टाप महिला को छुट्टी क्यो नही दिया गया था यह भी सवाल खड़े हुए हैं ?



