नेपाल में महाजलप्रलयः अबतक 165 मौत की पुष्टि, 1000 से अधिक लोग लापता, घास के तिनके की तरह बह गए घर, सड़क-पुल और हाइड्रो पावर प्लांट

नेपाल टूरिस्ट बोर्ड के मुताबिक, बाढ़ से लापता पर्यटकों में भारत के 130 से अधिक है। साथ ही अमेरिका के 54, ऑस्ट्रेलिया के 34 और इंग्लैंड के 33 लोग भी लापता हैं। नेपाल में लापता लोगों में 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं, जिनमें 133 भारतीय और 37 NRI भी हैं। पुलिस बुलेटिन के अनुसार आज गुरुवार सुबह 5 बजे तक, 8 जिलों में 165 शव बरामद किए गए हैं।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक चीन की तरफ ल्हेंदे नदी में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसककर गिरा था। इसी लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। USGS ने साफ किया कि यह भूकंप नहीं था। दरअसल, पहाड़ से हुआ लैंडस्लाइड इतना शक्तिशाली था कि उससे 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर झटका पैदा हुआ। यानी पहले भूकंप नहीं आया था, बल्कि लैंडस्लाइड की वजह से भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ था। इसके बाद ल्हेंदे नदी से पानी और मलबे का सैलाब भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पहुंचा, जिससे बाढ़ आई। बहाव इतना तेज था कि लोगों और मलबे को करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक बहा ले गया, जहां अब तक 33 शव बरामद किए गए हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि पहाड़ से ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा हो सकता है।

बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक हताहत
जिस इलाके में यह प्राकृतिक आपदा आई है वह तीर्थयात्रियों और ट्रेकर्स के बीच काफी लोकप्रिय है। ऐसे में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों के हताहत होने की संभावना है। चीन के सरकारी मीडिया ने तिब्बत में, 3 लोगों के मारे जाने और 265 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। तिब्बत से आए कई CCTV फुटेज में पानी और कीचड़ की एक लहर को बॉर्डर क्रॉसिंग पर बनी इमारतों से टकराते हुए देखा जा सकता है। साथ ही नेपाल के दर्जनों पुलिस अधिकारी और सेना के जवान भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता होने वालों में बिजली विभाग के भी कई कर्मचारी भी शामिल हैं।
त्रिशूली और नारायणी नदियों से 64 शव बरामद
चितवन में तिब्बत से आए बाढ़ के पानी के बाद त्रिशूली और नारायणी नदियों से 64 शव मिले हैं। इनमें पूरे शव के साथ-साथ शरीर के कुछ अंग भी शामिल हैं। जिला पुलिस के मुताबिक, सभी शवों को भरतपुर अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।

तमिलनाडु के 37 और पश्चिम बंगाल के 32 पर्यटक लापता
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद 130 से ज्यादा भारतीय लापता हैं, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा के श्रद्धालु भी हैं। नेपाल में आए बाढ़ में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के लोग लापता हैं। नेपाल में आई फ्लैश फ्लड का सबसे ज्यादा असर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पर्यटकों पर पड़ा है। तमिलनाडु के 37 तो बंगाल के 32 पर्यटक बाढ़ के बाद से लापता हैं।
