भोरमदेव महोत्सव की हर ख़बर पर नजर तहलका न्यूज़ से जानिए

कवर्धा, भोरमदेव महोत्सव के पहले दिन 30 मार्च को 12 से 1 बजे के बीच बोड़ला ब्लॉक के चरण तिरथ, बैगा करमा नर्तक दल बरपानी के मोहतु सिंह एवं साथी के द्वारा शानदार बैगा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही 1 बजे से 1.30 बजे तक गंगानगर कवर्धा के रामबाई साहू ने पण्डवानी, 1.30 से 2 बजे तक बोड़ला के रामसाय साहू ने जसगीत, 2 से 3 बजे के बीच ग्राम चिमरा के धनेश विश्वकर्मा के द्वारा जसगीत, 3 से 4 बजे के बीच ग्राम सेवईकछार के पुनीराम यादव द्वारा जय भोरमदेव बांस गीत और 4 बजे से 5 बजे के बीच ग्राम जंगलपुर के रेवाराम चंद्रवंशी के द्वारा भजन मंडली की शानदार प्रस्तुति देंगे।
दूसरे दिन 31 मार्च को समापन आयोजन में 12 से 1 बजे के बीच प्रतिमा बारले द्वारा पण्डवानी 1 से 2 बजे के बीच ग्राम छांटा के शिवकुमार यादव द्वारा बांसगीत, इस दो दिवसीय महोत्सव में छत्तीसगढ़ और भारतीय संस्कृति की अलग-अलग कला विधाओं का मंच में संगम होने जा रहा है। दो दिवसीय महोत्सव में छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति के साथ बॉलीवुड कार्यक्रमों का आंनद उठा सकते है।


भोरमदेव महोत्सव 30 व 31 मार्च को मंदिर प्रांगण में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम –
कोविड संक्रमण के बाद पिछले दो वर्षों के बाद वर्ष 2022 में 26 वा भोरमदेव महोत्सव का आयोजन हो रहा है। प्रतिवर्ष प्राचीन काल से प्रत्येक वर्ष भोरमदेव महोत्सव का आयोजन होली के बाद तेरस और चौदस की तिथि में होता है। 30 मार्च को बाबा भोरमदेव मंदिर में शिव जी की विशेष पूजा-अर्चना के साथ मंदिर प्रांगण में 12 से 1 बजे के बीच जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति की पारम्परिक नृत्य के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस बार महोत्सव में छत्तीसगढ़ के स्थानीय तथा अंचल के कलाकारों को भी महत्व देते हुए मंच प्रदान किया गया है। बैगा नृत्य के बाद मंदिर प्रागंण में छत्तीसगढ़ की लोक पारम्परिक एवं कला संस्कृति पर अधारित जसगीत, बैगा नृत्य, करमा नृत्य, बांस गीत, राम भजन, शिव आराधना सहित अलग अलग धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।




