भाजपा ने कहा:अंतागढ़ को जिला बनाएं या सभी पंचायतों को नारायणपुर में ही शामिल करें

बस्तर संभाग के परिसीमन प्रस्ताव तथा स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में 4 नए जिले बनाने के बाद अंतागढ़ को एक बार फिर पृथक जिला बनाने की मांग उठने लगी है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा तथा आप ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने को संबोधित करते प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंतागढ़ को पृथक जिला बनाया जाए नहीं तो यहां की सभी 56 पंचायतों को नारायणपुर जिले में शामिल किया जाए।
फिलहाल कांग्रेस नेताओं ने इस धरने से दूरी बनाकर रखी है। अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग सबसे पहले 2013 में उठी थी। तब यहां सर्वदलीय तथा सर्वसमाज मंच के बैनर तले 31 दिनों तक लगातार धरना प्रदर्शन किया गया था।
तत्कालीन वनमंत्री विक्रम उसेंडी ने 31वें दिन धरनास्थल पहुंचकर इस मुद्दे को तब की भाजपा सरकार के सामने रख जिला बनाने प्रयास करने आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। इस धरने में भाजपा नेता भोजराज नाग भी शामिल थे। नाग के विधायक बनने के बाद भी अंतागढ़ को जिला बनाने का प्रयास नहीं हुआ तो एक बार फिर 2015 में सर्वआदिवासी तथा सर्व समाज ने धरना शुरू कर दिया था। संंघर्ष जारी था।
जनपद अध्यक्ष लेंगे 56 पंचायतों की बैठक
जनपद अध्यक्ष तथा कांग्रेस नेता बद्रीनाथ गावड़े धरने में शामिल नहीं हुए लेकिन जारी बयान में कहा वे शीघ्र ही अंतागढ़ विकासखंड के सभी 56 ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंचों के अलावा सर्व समाज की बैठक लेने वाले हैं। इसमें अंतागढ़ को नया जिला बनाने या पूरे अंतागढ़ को नारायणपुर जिले में शामिल करने के मुद्दे को लेकर चर्चा होगी।



