यूपी न्यूज़ | माफिया और पलायन के लिए जाना जाता था मऊ और शामली, आज खुला मेडिकल कॉलेज: सीएम योगी

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न: उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) की उपस्थिति में एक ओर जहां शामली और मऊ (शामली और मऊ) जिलों में पीपीपी मोड (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज (मेडिकल कॉलेज) की स्थापना के लिए अनुबंध हुआ, वहीं मिशन निरामयाः (मिशन निरामयः) 🙂 के अंतर्गत प्रदेश के सभी नर्सिंग कॉलेज और पैरा मेडिकल कॉलेज की रेटिंग जारी की गई। यही नहीं, कॉलेज और पैरा मेडिकल कोचिंग की गुणवत्ता में सुधार के लिए 8 नए छात्रों को मेंटर का प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में 12 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन 2017 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक जिले-एक मेडिकल कॉलेज की परिकल्पना को साकार करते हुए आज उत्तर प्रदेश के सभी स्नातक में मेडिकल कॉलेज’ की स्थापना हो रही है। आज 45 मोटरसाइकिल में सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि 16 मोटरसाइकिल में मोटरसाइकिल संचालित हैं।
सीएम ने कहा कि वर्ष 2008 में मऊ और शामली जैसे जिले, जो आज से 6 पहले अन्य स्कूलों से चले गए थे, वहां आज मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो रही है। माफिया माफिया के कारण जीव-जंतुओं का प्रवास था तो शामली में पलायन का दौर था, लेकिन आज इन दोनों में ही स्नातक मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो रही है। यह किसी सपने के साकार होने जैसा है।
स्टेट मेडिकल फैकल्टी खुद बीमार थी
सीएम योगी ने कहा कि वेस्ट रेस्टॉरेंट ने पैरा मेडिकल और ग्रेजुएट कॉलेज का उपेक्षण रखा था। स्टेट मेडिकल फैकल्टी खुद बीमार थी और गुणवत्तापरक शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं था। ऐसे में ‘मिशन निरामयाः’ की थी जरूरत, जिसे सरकार ने शुरू किया। इसके तहत 12 महानुभावों को टॉर में शामिल किया गया था। टोर-मेंट्री की नीति के साथ आगे बढ़ा सुधार की प्रक्रिया का ही परिणाम है कि आज 8 और संस्थान में टोर के रूप में नारा हो गया है। यह धीमी हुई व्यवस्था का प्रमाण है।
मॉस में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो, यह एक सपना था, लेकिन अब यह साकार हो रहा है।
शामली में मेडिकल कॉलेज की स्टैनलिस्ट फ़ायरवॉल जा रही है।
ये दो ऐसे जिले थे, जहां 06 साल पहले लोग रहते थे।
आज वहां मेडिकल एजुकेशन के नये संस्थान स्थापित हो रहे हैं: #UPCM… pic.twitter.com/FCrzWCPDEX
– मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश शासन (@CMOfficeUP) 12 जुलाई 2023
शिक्षण शिक्षण में गुणवत्ता के साथ कोई सहमति नहीं
सीएम ने कहा कि शिक्षण प्रशिक्षण में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। मेडिकल कॉलेज हो या हॉस्पिटल, नर्सिंग हो या पैरा मेडिकल कॉलेज, अगर गुणवत्ता है, मानक पूरा है तो उसके शासन की सभी पात्रता का लाभ बिना देरी के मिलना चाहिए। और अगर वह मानक पूरा नहीं करता है तो ऐसे छात्रों को अपनी सूची से बाहर किया जाना चाहिए। क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया द्वारा शुचिता और डिप्लोमा के साथ किग्सऑफिस और पैरा मेडिकल की गुणवत्ता वाले अन्य ग्रेडों को भी बेहतर करने के लिए प्रेरित किया गया।
250 करोड़ रुपए के निवेश से एक निजी मेडिकल कॉलेज की स्थापना
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 16 असेवित जिलों में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट ग्रेटर शिप) आधार पर मेडिकल मेडिकल कॉलेज की स्थापना का फैसला लिया गया है। इस क्रम में महाराजगंज और संभल में निजी निवेश निवेशकों का चयन पूर्व में किया जा चुका है और दोनों स्थानों पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण प्रगति पर है। आज जिले में राजीव सामाजिक शिक्षा सेवा संस्थान और शामली में जापान निजी एजुकेशलन सोसायटी और उत्तर प्रदेश शासन के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। प्रत्येक स्थान पर निजी निवेशकर्ता द्वारा लगभग 250 करोड़ रुपये के निवेश से एक निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। दोनों सामाजिक अध्ययनकर्ताओं को मेरी शुभकामनाएं।
25 करोड़ की आबादी में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा के लिए हमें अच्छे डॉक्टर, नर्सिंग और पैरा मेडिकल के अच्छे स्टाफ को भी देखना चाहिए। इसमें किसी को भी वेबसाइट पर जाकर हम स्वास्थ्य गुणवत्ता के बारे में बात नहीं कर सकते।
मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में स्टेट मेडिकल फैकल्टी के पूरे… pic.twitter.com/QmeONdJthB
– मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश सरकार (@CMOfficeUP) 12 जुलाई 2023
यूनिवर्सिटी और पैरामेडिकल ऑर्केस्ट्रा की रेटिंग्स वाला देश का पहला राज्य बना यूपी
सीएम ने कहा कि मिशन निरामयाः के रेलवे स्टेशन और पैरा मेडिकल स्टडीज की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। कार्यक्रम के चार्ट एक प्रयास यह है कि प्रदेश में स्थापित ऑल नर्सिंग कॉलेज और पैरा मेडिकल एलसीडी (सरकारी एवं निजी) का गुणवत्ता परामर्श ऑफ इंडिया द्वारा प्लॉट जाए और इसके आधार पर आधार को एक एक्रिडेशन रैंकिंग स्कोर प्रदान किया जाए। उक्त एक्रिडेशन रैंकिंग एक पुस्तिका के रूप में प्रकाशित की गई है। उत्तर प्रदेश इस उपलब्धि को हासिल करने वाला पहला राज्य है।
स्टेट मेडिकल फैकल्टी की आवश्यकता
सीएम योगी ने कहा कि स्टेट मेडिकल फैकल्टी की आवश्यकता है। इस दिशा में अच्छे प्रयास भी हुए हैं। किसी भी वित्तीय ट्रांजैक्शन के लिए अब किसी भी निजी संस्थान और सरकारी संस्था या चिकित्सा विभाग को स्टेट मेडिकल फैकल्टी का शुल्क जमा करने के लिए भौतिक रूप से प्रवेश की आवश्यकता नहीं है क्योंकि सभी ट्रांजैक्शन के लिए एक मेडिकल गेटवे की व्यवस्था दी गई है, जिसका आजार शुभम्भ हो गया है।
12 आर्केस्ट्रा ने कॉलेज और पैरा मेडिकल के क्षेत्र में जो काम किया है, वह अन्य समकक्षों को बेचती है और फिर उनके भी निर्देशन करती है, जिससे वह आगे बढ़ती है: #UPCM @mयोगीआदित्यनाथ pic.twitter.com/UIj9KVEydv
– मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश सरकार (@CMOfficeUP) 12 जुलाई 2023
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यूपी की प्रॉडक्ट्स पर देश के सभी कॉलेज और पैरा मेडिकल कॉलेज की हो रही रेटिंग: क्यूसीआई
‘मिशन निरामयाः’ जैसे नवोन्मेषी प्रयास के लिए मुख्यमंत्री के दर्शन के लिए नियुक्त किए गए क्यू सी आई के सेंट्रल जनरल आर.पी. सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के इस प्रयास का अनुकरण करते हुए नीति आयोग ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल को ऐसी व्यवस्था पूरे देश में लागू करने की सलाह दी है। इससे पहले, क्यूसीआई सीएसी जनरल ने रेटिंग तय करने के लिए प्रक्रिया के बारे में मुख्यमंत्री के विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 34 दिनों के भीतर क्यू सी आई की टीम प्रदेश के हर संस्थान, कॉलेज और पैरा मेडिकल संस्थान में, वहां तय मानक पर स्टार्टअप गुणवत्ता की जांच की गई। शुचिता का ध्यान रखते हुए परीक्षकों ने बॉडी वार्न कैमरे लगाए थे और पूरे परीक्षण प्रक्रिया की मंजूरी दी जा रही थी। 267 के बाद आपत्तियों ने अपनी अपील सबमिट की थी, सभी ने अपने वीडियो में अपनी जिज्ञासाओं का पात्र परीक्षण किया। 64 ने इसमें अपनी चुनौती भी रखीं और अंतत: सभी की इच्छाओं और जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए अंतिम रूप से अपने-अपने अनुयायियों और अनुयायियों की रेटिंग तैयार की और आज एक भी संस्थान ऐसा नहीं है जो रेटिंग्स से हो। हेल्थकेयर और स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक ने मेडिकल कॉलेज और पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट की स्थापना की नीति के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने के लिए कहा। मुख्य मंत्री के लिए विश्वास सहायक।
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