वनांचल इलाके में मैकल की पहाड़ियों पर करीब 900 हेक्टेयर रकबे में सरसों फसल खड़ी है

ब्लाॅक के वनांचल इलाके में मैकल की पहाड़ियों पर इन दिनों सरसों के फूलों की खुशबू बिखरी हुई है। इससे वादियां महक रही है। ब्लाॅक में सरसो की खेती का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है। करीब 900 हेक्टेयर रकबे में सरसों की फसल खड़ी है। प्रति एकड़ 3 क्विंटल के हिसाब से 6750 क्विंटल तक उत्पादन की उम्मीद है। वर्तमान में बाजार में सरसो की कीमत लगभग 8 हजार रुपए क्विंटल है। इस हिसाब से 5.40 करोड़ रुपए की फसल खेतों में खड़ी है।ब्लाॅक के वनांचल ग्राम तेलियापानी,चकमक टोला, झूमर, चतर, सेजाडीह, छिंदीडीह, सारपानी, बदना, बिरहुलडीह, पंडरीपानी, गभोड़ा, हाथीबुड़ान, बाहपानी, कांदावानी, कुंडापानी, धुरसीबांगर सहित कई गांवों में सरसों की खेती की जाती है। वर्तमान में करीब क्षेत्र के करीब 900 हेक्टेयर में सरसो की खेती हो रही है।कृषि विकास अधिकारी सुरेश चंद्र प्रसाद ने इस संबंध में बताया कि वर्तमान में जो सरसों दिखाई दे रही है, वह मक्के के बाद लगाई गई है। धान कटाई के बाद करीब 500 हेक्टेयर रकबे में सरसों की बुआई और की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरसों का रकबा पिछले वर्ष की अपेक्षा बढ़ा है। सरसों की फसल को तैयार होने में लगभग 110 दिन का समय लगता है।



