विरोध कर रहे ग्रामीण:मुक्तिधाम की जमीन पर सोसायटी भवन बनवाने पर अड़े हैं सरपंच

- भवन बनने से दाह संस्कार करने में परेशानी होगी
ग्राम कामठी में मुक्तिधाम के लिए आरक्षित जमीन पर सरपंच आदिवासी सेवा सहकारी समिति (सोसायटी भवन) बनवाने पर अड़ा है। इसे लेकर स्थानीय ग्राम विरोध पर उतर आए हैं। मुक्तिधाम की जमीन पर सोसायटी भवन बनने से शवों के दाह संस्कार करने में परेशानी होगी।
ग्राम कामठी में मुक्तिधाम के लिए जमीन आरक्षित है, जहां कामठी और आसपास के मोहल्ले के लोग परिवार में किसी की मृत्यु होने पर शव दाह करने आते हैं। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद सरपंच मुक्तिधाम की जमीन पर जबरन आदिवासी सोसाइटी का भवन बनवाने पर तुला है। पूर्व जनपद सदस्य रामदयाल पोर्ते ने बताया कि समिति बन जाने पर जब धान खरीदी होगी, तो पूरा मुक्तिधाम क्षेत्र धान के बोरे से भर जाएगा। ऐसे में शवों का दाह संस्कार करने में दिक्कत होगी। गांव में जहां सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है, उसे कब्जा मुक्त कराकर वहां समिति भवन का निर्माण किया जाना चाहिए।
लोगों ने कब्जा कर लिया है
ग्राम कामठी में खसरा नंबर 186/2 में 0.202 हेक्टेयर जमीन को शासन ने मुक्तिधाम के लिए आरक्षित किया है। उक्त जमीन के कुछ हिस्सों में स्थानीय लोगों ने कब्जा कर लिया है। कामठी निवासी श्याम विश्वकर्मा ने बताया कि पूर्व में मुक्तिधाम 5 एकड़ में था, जो अतिक्रमण के चलते धीरे-धीरे कम हो गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि श्मशान भूमि से अतिक्रमण हटाई जाए, साथ ही समिति भवन बनाने के लिए दूसरी जगह का चिह्नांकन करे। इस संबंध में कामठी सचिव रामेश्वर सोनवानी का कहना है कि मुक्तिधाम की जमीन कितनी है, यह मालूम नहीं। उन्होंने कहा कि पटवारी से मिलकर के अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।



