परेशानी:मेकाहारा में एक दिन में होती है सिर्फ 10 सोनोग्राफी, खराब पड़ी है सीटी स्कैन मशीन

- अस्पताल में लगी मशीनें खराब, निजी सेंटर से करार, लेकिन यहां भी कम लोगों की जांच
कोरोना संक्रमण कम होने के बाद अब मेकाहारा में लोग इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। सीटी स्कैन, सोनोग्राफी के लिए मरीजों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। हॉस्पिटल में सोनोग्राफी दोपहर 2 बजे तक खुलता है, 10 मरीजों का की जांच होती है। बाद में आने वाले मरीजों की एंट्री कर उन्हें बाद में आने के लिए कहा जाता है। हालांकि 10 मरीजों के अलावा इमरजेंसी हो तो जांच होती है।
शुक्रवार को संगीता श्रीवास सोनोग्राफी जांच करने के लिए आई, वे इसके पहले आठ दिन पहले समय लिया था। इसी तरह संगीता श्रीवास भी सोनोग्राफी की जांच करने के लिए आई तो उन्हें 23 अगस्त को जांच कराने के लिए आने के लिए कहा गया। इसके बाद वे वापस चली गई, शुक्रवार 10 महिलाएं आई जांच नहीं हुई, वापस जाना पड़ा।
तीन डायग्नोस्टिक सेंटर से एग्रीमेंट लेकिन सिर्फ 3-4 मरीज को फायदा
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सीटी स्केन कराने के लिए प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर के साथ टाइअप किया है। आयुष्मान कार्डधारकों को इसका लाभ मिलता है लेकिन दिनभर में सिर्फ तीन-चार मरीज ही जांच करा पाते हैं। सामान्य मरीजों को तीन हजार रुपए तक देने पड़ते हैं। आयुष्मान के तहत यह जांच 700-1200 रुपए में होती है, यह राशि भी शासन द्वारा दी जाती है। दो डायग्नोस्टिक सेंटर से टाइअप किया गया है, हालांकि आयुष्मान में इसे भी फ्री किया गया है। इस मशीन को पिछले डेढ़-दो वर्षों पहले कॉलेज में लगाने की तैयारी की गई थी, लेकिन इसमें आगे कुछ नहीं हो सका।
सीटी स्कैन मशीन भी दूसरी बार बंद हुई
मेडिकल कॉलेज के नई हॉस्पिटल के टेक्निशियन ने बताया कि सीटी स्कैन मशीन को पिछले महीने शुरू कराया गया था। मेकाहारा से मरीजों को वहां जांच कराने के लिए भेजा जा रहा था लेकिन अब नई मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में निर्माण काम चल रहा है, इसकी वजह से वहां सीटी स्कैन की जांच बंद करा दी गई। अभी जब तक नई बिल्डिंग का काम पूरा नहीं हो जाता तब तक वहां जांच बंद रहेगी। यहां पर गरीबों को आयुष्मान कार्ड (राशन कार्ड दिखाने पर) मुफ्त में जांच हो जाती है।
मशीन में आ गई है गड़बड़ी
सीटी स्कैन मशीन में चालू होने के बाद कुछ टेक्नीकल दिक्कत है, वह वारंटी पीरियड में है। उसे बनाने के लिए हमने कहा गया है। सोनोग्राफी जांच के लिए 10 दिनों का समय देना गलत है। कल ही संबंधित तकनीशियनों से बात करते हैं।
-डॉ. मनोज मिंज, एमएस, मेकाहारा



