कोरोना का असर: गणतंत्र समारोह में स्कूली बच्चों को इकट्ठा नहीं करेंगे, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं

पुलिस परेड ग्राउंड में होगा आयोजन, कोरोना वारियर्स का होगा सम्मान
हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन कोरोना काल होने की वजह से इस बार कहीं भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा। मैदानों में स्कूली बच्चों को इकट्ठा भी नहीं किया जाएगा। अतिथियों की संख्या भी सीमित होगी। कलेक्टर डाॅ. एस भारतीदासन ने बताया कि इस साल कोविड-19 महामारी की वजह से समारोह में विशेष सावधानी बरती जाएगी। सभी लोग मास्क पहनने के साथ ही सोशल और फिजिकल डिस्टेसिंग का खास ध्यान रखेंगे। ध्वजारोहण के बाद पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियां सलामी (गार्ड आफ ऑनर) देगी। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल ध्वजारोहण करेंगी। संदेश वाचन के बाद विशेष रूप से आमंत्रित कोरोना वारियर्स डॉक्टरों, पुलिस, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल जनपद पंचायत और तहसील स्तर पर सार्वजनिक समारोह नहीं होंगे। जनपद पंचायत कार्यालयों में जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं निगमों में महापौर और अध्यक्ष तिरंगा लहराएंगे। पंचायत मुख्यालय में सरपंच और बड़े गांवों में मुखिया ध्वजारोहण करेंगे। राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार किसी भी जिला, ब्लाक, पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में किसी भी स्थिति में स्कूली छात्र एवं छात्राओं को इकट्ठा नहीं किया जाएगा। कहीं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। कार्यक्रमों में बैठक व्यवस्था में भी सामाजिक व्यक्तिगत दूरी का विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा। राजधानी में मुख्य समारोह सुबह 9 बजे से शुरू हो जाएगा इसलिए सरकारी दफ्तरों में ध्वजारोहण कार्यक्रम सुबह 8 बजे से पहले हो जाएंगे। इस अवसर पर प्रदेश के सभी शासकीय और सार्वजनिक भवनों तथा राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर विशेष रोशनी की जाएगी।



