हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में एडमिशन पोर्टल से होगी भर्ती प्रक्रिया:ऑफलाइन प्रवेश लेने वाले छात्रों को नहीं मिलेगी नियमित छात्र की मान्यता

दुर्ग | हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का एडमिशन पोर्टल 2 अगस्त से खुलेगा। इसके माध्यम से विवि से संबद्ध 131 शासकीय और निजी महाविद्यालयों में ऑनलाइन प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए कुलपति ने उच्च शिक्षा विभाग से निर्देश मिलने के बाद सभी प्राचार्यों की बैठक लेकर आदेश जारी कर दिया है।
इसके अनुसार सभी विषयों के प्रथम वर्ष और प्रथम सेमेस्टर में ऑनलाइन ही प्रवेश दिया जाएगा। ऑफलाइन प्रवेश की व्यवस्था नहीं है। फिर भी कोई छात्र यदि ऑफलाइन प्रवेश लेता है तो उसे विश्वविद्यालय से नियमित छात्र की मान्यता नहीं मिलेगी। इसके लिए छात्र और संबंधित महाविद्यालय ही जिम्मेदार होगा।
कुलपति डॉ. अरुणा पल्टा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन पोर्टल में ही आवेदन करना होगा। इसके आधार पर ही छात्रों की प्रावीण्य सूची बनेगी और उसके अनुसार उन्हें संबंधित विषयों में प्रवेश दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 16 अगस्त तय की गई है। 16 तक मिलने वाले आवेदनों को संबंधित महाविद्यालयों में भेजा जाएगा। इसके आधार पर प्रावीण्य सूची बनाकर प्रवेश दिया जाएगा।
छात्रों को महाविद्यालयों के लिए 3-4 कॉलेजों का विकल्प देना होगा
किताब देखकर उत्तर लिखने की वजह से इस बार पिछले वर्षों की तुलना में छात्रों को अधिक अंक मिले हैं। इसकी वजह से कट ऑफ मार्क्स अधिक हो सकते है। इस बात को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को कॉलेजों के 3 से 4 विकल्प देने होंगे। इससे यदि उन्हें अपनी पहली प्राथमिकता वाले महाविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलता है तो दूसरे कॉलेज में प्रवेश मिल सकता है। एक ही कॉलेज होने पर सीटों की अनुपलब्धता होने पर प्रवेश में दिक्कतें होती हैं। प्राचार्यों की सुझाव पर पोर्टल में आवश्यक संशोधन भी किया गया है। इसमें एनसीसी, एनएसएस और खेलकूद में मिलने वाले अंकों के अधिभार को भी शामिल किया गया है।



