कांकेर जिला (उत्तर बस्तर)

संक्रमण की दृष्टि से अधिक संवेदनशील रहता है ऑपरेशन थियेटर:ऑपरेशन के बीच एनएमसी टीम ओटी में जूते पहने पहुंची

एनएमसी की टीम अचानक मंगलवार को जिला अस्पताल पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी। टीम के आने की भनक अस्पताल स्टाफ या मेडिकल कॉलेज डीन को भी नहीं थी। दो सदस्यों की इस टीम ने 7 घंटे तक अस्पताल का कोना कोना छान मारा। हर वार्ड व कमरे तक पहुंचे । मेडिकल कॉलेज खोलने 300 बेड की जरूरत के अनुसार अलग अलग वार्डो में एक-एक बिस्तर की गिनती की।

इसी दौरान टीम जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर भी पहुंची। ऑपरेशन थिएटर में जूते चप्पल पहनकर प्रवेश करने की मनाही होती है लेकिन टीम जूते चप्पल पहने हुए ही ऑपरेशन थिएटर में धड़धड़ाते हुए घुस गई जबकि वहां छोटे बच्चों समेत अन्य मरीजों के ऑपरेशन चल रहे थे। संक्रमण की दृष्टि से यह अत्यधिक संवेदनशील इलाका होने के कारण टीम के साथ चल रहे अस्पताल के सिविल सर्जन तथा अन्य डॉक्टरों और स्टाफ ने अपने चप्पल जूते उतारकर ही ऑपरेशन थिएटर में प्रवेश किया लेकिन टीम के सदस्य जूते पहने हुए ही निरीक्षण करते रहे। मंगलवार अचानक टीम के दो सदस्य डॉ. विलाश शर्मा तथा डॉ. लिया डेविड जिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान डीन एमएल गर्ग रूटीन कार्य में व्यस्त थे। सिविल सर्जन डॉ. आरसी ठाकुर भी कलेक्टोरेट मीटिंग में शामिल होने गए थे।

जैसे ही पता चला कि एनएमसी टीम जांच के लिए आई है, सभी जिला अस्पताल पहुंचे। तब तक टीम ने अन्य डॉक्टरों व स्टाफ से मिलकर जानकारी लेनी शुरू कर दी थी। एक सदस्य पूरे अस्पताल का निरीक्षण करते रहे जबकि दूसरे सदस्य दस्तावेजों की जांच करते रहे। शाम 6 बजे तक अस्पताल में टीम जांच करती रही लेकिन उसने यह बताने से इंकार कर दिया कि मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए गाइडलाइन जिला अस्पताल पूरी कर रहा है या नहीं। टीम अपनी रिपोर्ट एनएमसी को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार एनएमसी तय करेगी कि कांकेर में मेडिकल कॉलेज की मान्यता देकर इस सत्र से पढ़ाई शुरू की जाए या नहीं। जरूरत के अनुसार टीम को कांकेर जिला अस्पताल परिसर में ही 300 से अधिक बेड दिखाए गए हैं। अन्य सेवाएं भी पूरी कर ली गई हैं। मेडिकल कॉलेज खुलने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

आज अन्य भवनों का होगा निरीक्षण
शाम होने के कारण टीम मेडिकल कॉलेज से जुड़े नंदनमारा कॉलेज भवन, अलबेलापारा व इमलीपारा काेविड अस्पताल जांच नहीं कर पाई। बुधवार को करेगी।

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