पटाखे फोड़कर ग्रामीण कर रहे भगाने का प्रयास:तैयार थरहा को नुकसान पहुंचा रहा हाथियों का दल

जिले के नारायणपुर क्षेत्र में शाम होते ही दीपावली की तरह पटाखों की आवाज सुनाई देने लगती है। ग्रामीण किसी खुशी में पटाखा नहीं फोड़ते बल्कि वे हाथियों को जंगल की ओर भगाने के लिए इनका सहारा लेने को मजबूर है। इन दिनो खेती किसानी का समय शुरू हो चुका है और खेती किसानी के समय में ग्रामीण दिनभर अपने खेतों में व्यस्त रहते हैं और शाम को हल्का अंधेरा होने के साथ ही हाथियों को खदेड़ने में जुट जा रहे हैं। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर फसल को नुकसान से बचाने में रतजगा करने को मजबूर रहते हैं।
कुनकुरी रेंज में हाथियों का उत्पात कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बादलखोल अभयारण्य और कुनकुरी रेंज में अलग अलग दलों में दर्जनों हाथी विचरण कर रहे हैं। किसानों के फसलों को आए दिन नुकसान पहुंचा रहे है। कुनकुरी रेंज ओर नारायणपुर में हाथियों का दल विचरण कर रहा है। दलों में मादा ओर शावक से लेकर दंतैल हाथी भी शामिल हैं। रविवार को 33 की संख्या में हाथी का दल नारायणपुर चराईमारा जंगल में था, जो शाम होते ही रानीकम्बो में लगे धान के फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया, वहीं कई किसानों के रोपाई के लिए तैयार थरहा को हाथियों के दल ने रौंदकर बर्बाद कर दिया।
ग्रामीणों की सूचना पर नहीं पहुंचते हैं कर्मचारी
बारिश शुरू होते ही हाथियों का दल यहां आ धमकता है, जिससे किसानों को खेती करने में हमेशा भय बना रहता है। हाथी अचानक पहुंचकर फसल को बर्बाद कर देते हैं, जबकि इसको लेकर वन विभाग ने कोई तैयारी नहीं की है। हाथी आने पर रात में ग्रामीण वन कर्मचारियों को सूचना देने का बहुत प्रयास करते हैं, लेकिन नेटवर्क की समस्या या मोबाइल स्विच ऑफ कारण अक्सर बात नहीं हो पाती है। फोन लग भी जाए, तो कर्मचारियों से कोई जवाब नहीं मिलता है। सूचना के बाद भी कई बार कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचते ।



