राज्य महिला आयोग ने लगायी फर्जी महिला को फटकार , कहा नाधिकार रक्षा के लिए हैं दुरपुयोग के लिए नहीं

रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने सुनवाई के दौरान ही एक महिला शिकायतकर्ता को फटकार लगा दी। उस महिला ने उधारी चुकाने के डर से उधार देनेवाले व्यक्ति पर छेड़छाड़ की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी, मामले की सुनवाई के दौरान जब यह बात खुली तो महिला ने अपनी गलती स्वीकार की और उसे एक महीने के भीतर ही आयोग के आमने पैसे चुकाने को कहा गया है |
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने बताया, सुनवाई के दौरान सामने आया कि शिकायत करने वाली महिला ने लिखित इकरारनामा के माध्यम से 50 हजार रुपए उधार लिए थे। बाद में जब उधार देने वाले ने रुपए वापस मांगे तो विवाद हुआ। महिला का आरोप था की “उधार देने वाले ने उसे बुरी तरह डांटा और छेड़छाड़ कर बातमीजी की ” इससे नाराज होकर उसने आयाेग में शिकायत दर्ज कराया था। अब महिला ने स्वीकार किया कि उसने 50 हजार रुपए उधार लिए थे और विवाद उसी का था। उसने एक महीने के भीतर आयोग के सामने ही उधार के रुपए लौटाने की बात कही।
डॉ. किरणमयी नायक ने शिकायत की ऐसी प्रवृत्ति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, महिला आयोग में महिलाओं की रक्षा का अर्थ कत्तई यह नही है कि महिला अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर पुरुषों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराए। आयोग ने बताया, सुनवाई के लिए 25 मामले लगे थे, जिनमें से केवल 22 मामलों में दोनों पक्षकार उपस्थित हुए। सुनवाई के बाद 8 मामलों को नस्तीबद्ध कर दिया गया, वहीं दो मामलों को निगरानी में रखा गया है। शेष मामलों की सुनवाई आगे भी चलेगी।



