छत्तीसगढ़ सरकार की कमजोरी से बारदाने की समस्या से चिंताग्रस्त : किसान संघ

बारदाने की समस्या को लेकर पुनः एक बार किसान चिंतित दिखाई दे रहे हैं। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी में किसानों को समस्याओं से दो चार होना पड़ेगा क्योंकि कलेक्टर कबीरधाम ने समितियों में जो दिशानिर्देश जारी किये गए है उन निर्देशों के अनुसार धान खरीदी के पहले दिन से ही 50 प्रतिशत बारदाने किसानों से ही लेने की बात कही गई है।
इन दिशानिर्देशों के पश्चात् व्यापारियों के चेहरे खिल गए है और किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच गई है क्योंकि जैसे ही यह बात सामने आई की बारदाने की समस्या है रातों रात बारदाने की कीमतें आसमान पर पहुंच गई जो बारदाना 15 से 20 रु में मिलना चाहिए वह अब 45 रु का हो गया है जिसका पूरा भार किसानों पर ही आयेगा।
किसानों का कहना है की हमें प्रति क्विंटल 100 ₹ का अतिरिक्त खर्च बारदानों पर करना होगा। धान का समर्थन मूल्य 1940 ₹ मिलना है वह अब बारदाने के खर्च के पश्चात् 1840 ₹ ही मिलेगा क्योंकि 100 ₹ का खर्च बारदाने का बढ़ गया है। 100 ₹ के खर्च को इस प्रकार से समझा जा सकता है जैसे एक बारदाना 45 ₹ का तो एक क्विंटल धान के लिए तीन बारदाने की आवश्यकता होगी और तीन बारदाने का खर्च लगभग 100 रु से ज्यादा आयेगा। इसका भार तो किसानों के उपर ही आयेगा।भारतीय किसान संघ की मांग है किसानों का धान किसानों की सुविधा को देखते हुए प्लास्टिक की बोरियों में भी लेना चाहिए क्योंकि किसानों के पास खाद प्लास्टिक बोरी में आने के कारण उपलब्ध रहती है।
प्रदेश के किसानों से चर्चा के पश्चात् किसानों का कहना की यदि बाहर से बारदाने किसानों को मिल सकते है तो सरकार क्यों व्यवस्था नहीं कर पा रही है। किसानों ने अपनी बात में यह भी कहा की सरकार ने पिछले वर्ष बारदाने का पैसा देने की बात की थी उसका भुगतान अब तक कई सोसाइटी में सरकार ने आज तक नहीं किया है। किसानों का कहना है अब हमें धान खरीदी को लेकर सरकार पर भरोसा नहीं रह गया है जिस प्रकार साफ्टवेयर की गड़बड़ी बताकर हजारों किसानों का रकबा काटा गया वो किसानों के साथ धोखा ही है।
इसके साथ ही एक नई समस्या किसानों के साथ आ रही है जिन किसानों की एक से अधिक ग्रामों में खेती है उन किसानों का एक से अधिक ग्रामों का पंजीयन एक ही समिति में कर दिया गया है। ऐसे में उस किसान को एक गांव से उसके दूसरे गांव की समिति में परिवहन करना होगा जिसमें वह अनावश्यक परेशान होगा और उसका खर्च भी बढ़ेगा।
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष डोमन चन्द्रवंशी ने मांग की है की सरकार किसानों को बारदाने एवं रकबे को लेकर होने वाली समस्या का तत्काल समाधान निकाले एवं बारदाना का भुगतान किसानो को 30रु की दर से करे। पिछले वर्ष के बारदानों का भुगतान जिन किसानों को अब तक नही किया है उन्हें तत्काल करें। अन्यथा भारतीय किसान संघ पूरे प्रदेश में सरकार के विरोध में आंदोलन करेगा।



