गड़बड़ी की शिकायत:मिड डे मील में खेल: कहीं मौत के नाम पर भोजन नहीं बना तो कहीं दाल बचाने केवल फ्राई चावल परोस दिया गया

- स्कूल में नहीं बना बच्चों के लिए भोजन, मामले ने तूल पकड़ा तो समूह की अध्यक्ष घर से खाना बनवाकर लाईं
स्कूल खुलने के साथ ही जिले में मिड डे मिल के नाम पर खेल भी शुरू कर दिया गया है। इस तरह की शिकायतें लगातार आ रही है। यही नहीं बच्चों के हिस्से का राशन बचाने और खर्चे से बचने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कहीं गांव में किसी की मौत होने पर स्कूल में मध्यान्ह भोजन नहीं बन रहा है तो कहीं दाल बचाने के लिए बच्चों को फ्राई चावल ही परोस कर उनका आधा पेट भरा जा रहा है।
भूखे छात्रों की परवाह किए बिना स्टाफ टिफिन में लाए भोजन का लुत्फ उठा रहे हैं। दोनों घटनाएं जिला मुख्यालय से सटे गांव के स्कूलों की है। अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दूरदराज के स्कूलों में छात्रों का निवाला किस प्रकार छीना जा रहा होगा।
दाल का खर्च बचाने के लिए भोजन की व्यवस्था करने वाली समूहों ने अब विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है। गढ़पिछवाड़ी प्राथमिक शाला में छात्रों को मध्यान्ह भोजन में फ्राई चावल परोसा गया जिसकी फोटो सोशल मीडिया में काफी वायरल की गई।
रजिस्टर में एप्लीकेशन रखने का खेल शुरू
स्कूल खुलने के साथ ही स्कूल से गायब होने पर उपस्थिति पंजी में अवकाश आवेदन पत्र रखने का खेल शुरू हो गया है। कोड़ेजुंगा मिडिल स्कूल में हेड मास्टर डीएस नरायण उपस्थिित पंजी में आधे दिन छुट्टी का आवेदन पत्र रख जानकारी शिक्षिका को देकर चले गए। वे 12 बजे स्कूल से निकले थे।
हेडमास्टर के स्कूल छोड़ने के बाद शिक्षिका ने रजिस्टर में अवकाश नहीं चढ़ाया। भास्कर ने इसे लेकर सवाल किए तो आनन फानन में लाल पेन से आधे दिन का अवकाश चढ़ाया। स्कूलों में इसी तरह शिक्षकों द्वारा बारी बारी से आवेदन रख अवकाश लिया जाता है। इस दौरान कोई जांच में आए तो गायब िशक्षक का आवेदन प्रस्तुत कर दिया जाता है।
अपने लिए बना भोजन लेकर पहुंची अध्यक्ष
मामला तूल पकड़ने लगा तो समूह अध्यक्ष ममता नेताम आनन फानन में घर में स्वयं के लिए बना भोजन बच्चों के लिए लेकर स्कूल पहुंची। दोपहर बाद बच्चों को भोजन परोसा। वह स्वयं सुबह स्कूल में बच्चों के लिए भींगे चने आदि सब्जी बनाने छोड़ गई थी। समूह सदस्यों के नहीं आने की जानकारी होने के बाद वहां भोजन बनाने किसी दूसरे को नहीं कहा गया।
बच्चों के घर पास में ही हैं वे जाकर भोजन कर लेंगे
बुधवार को ग्राम कोड़ेजुंगा में एक ग्रामीण की मौत के बाद स्कूल में मध्यान्ह भोजन नहीं बना। छात्र भूखे पेट पढ़ाई करते रहे। इस संबंध में स्कूल से गायब हेडमास्टर से सवाल किया तो जवाब था अब बनवा देते हैं। स्कूल में मौजूद शिक्षिका दिव्या गंजीर ने कहा बच्चों की छुट्टी कर देते हैं। उनके घर पास में ही हैं वे जाकर भोजन कर लेंगे।
कोड़ेजुंगा मिडिल स्कूल में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली समूह की सदस्य प्रमिला पाेया के भाई की मौत हो गई। इसके चलते बहन का स्कूल नहीं पहुंचना लाजमी था, लेकिन समूह की अन्य सदस्य भी स्कूल नहीं पहुंचे। स्कूल स्टाफ को जानकारी थी कि आज समूह द्वारा भोजन नहीं बनाया जा रहा है।
बावजूद इसके भोजन की व्यवस्था किए बिना हेडमास्टर डीएस नरायण बीमारी का नाम लेकर घर चले आए। एक शिक्षक सरकारी काम की बात कह स्कूल से निकल गए। ग्रामीणों से सूचना मिलने पर भास्कर प्रतिनिधी मौके पर पहुंचे तो पाया कि बच्चे भूखे पेट कक्षा में बैठ पढ़ाई कर रहे हैं और शिक्षिका स्टाफ रूम में बैठ लंच कर रही थी। ग्रामीणों के अनुसार स्कूल में इसी तरह कई बार कुछ न कुछ बहाना कर मध्यांह भोजन नहीं बनाया जाता है।
मध्यान्ह भोजन पंजी भी मेंटेन नहीं 2 अगस्त से खाली है काॅलम
स्कूल में चौंकाने वाली बात यह है की मध्यान्ह भोजन पंजी को नियमित रूप से मेंटेन नहीं किया जा रहा है। जिले में 3 अगस्त से स्कूलें खुली है। इस दिन से मध्यान्ह भोजन विवरण भरना है। रजिस्टर में इसका विवरण भरने 2 अगस्त से कालम खाली रखा गया है। नियमित रूप से रोज भरने वाली जानकारी 11 अगस्त तक एक भी दिन नहीं भरी गई।
किसी भी स्थिति मध्यान्ह भोजन बनना है, मामले की होगी जांच
डीईओ लक्ष्मण कावडे़ ने कहा कहीं भी किसी की मौत हो, लेकिन छात्रों के लिए स्कूल में मध्यान्ह भोजन बनना अनिवार्य है। इसकी जानकारी रोज पंजी में भरना है। इस मामले में बीईओ को जांच करने आदेश दिए जाएंगे। यदि कोई शिक्षक आकस्मिक अवकाश लेता है तो उसे तत्काल रजिस्टर में चढ़ाना है। शिक्षिका ने क्यों नहीं चढ़ाया इसकी भी जांच कराई जाएगी।
ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण घर आया
हेडमास्टर डीएस नारायण ने कहा ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण घर आया हूं। छुट्टी के लिए आवेदन पत्र छोड़ा हूं। मध्यान्ह भोजन नहीं बना तो अभी बनवा देते हैं।



