मिनीरत्न कंपनी फैरो स्क्रैप निगम को बेचने का निर्णय, नीलामी के बाद ही यह तय हो जाएगा कि फैरो स्क्रैप निगम किन हाथों में जाएगा।

9 अगस्त 2021 | भिलाई । मिनीरत्न कंपनी मेटल स्क्रैप ट्रेड कार्पोरेशन लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई फैरो स्क्रैप निगम को वैल्युएशन करने के लिए 15 जुलाई को दिल्ली की टीम भिलाई आई थी ।जिसके बाद अब सरकार ने इसे निजी हाथों में सौंपने का निर्णय ले लिया है।
सके लिए बोली लगाने की तारीख 10 अगस्त तक तय कर दी गई है। एफएसएनएल, मेटल स्क्रैप ट्रेड कार्पोरेशन लिमिटेड की सहायक इकाई है । एफएसएनएल के भिलाई मुख्यालय के अलावा सेल के राउरकेला, बर्नपुर, बोकारो, विशाखापटनम, दुर्गापुर, डूबुरी, हरिद्वार, भद्रावती, सेलम, मुंबई, हजीरा सहित हैदराबाद में कार्यालय है। जहां पर स्टील प्लांट से निकलने वाले लौह कचरे (स्क्रैप) की बिक्री की जाती थी।
अब इसकी जगह नई कंपनी को लाने की तैयारी बताई जा रही है। भारत सरकार द्वारा स्क्रैप प्रोसेसिंग कारोबार की शुरुआत सन् 1956 में की गई थी। तब से सेल के सभी यूनिट सहित जहां कहीं भी लौह निर्माण की प्रक्रिया होती थी। वहां पर फैरो स्क्रैप निगम का गठन किया गया था। इस समय भिलाई मुख्यालय में 23 अफसर, 145 कर्मचारी और 170 ठेका श्रमिक काम कर रहे हैं। नीलामी के बाद ही यह तय हो जाएगा कि फैरो स्क्रैप निगम किन हाथों में जाएगा।
एफएसएनएल के निजीकरण की प्रक्रिया अब अंतिम दौर पर है किंतु इसको लेकर अब तक स्थानीय श्रमिक यूनियन मौन है। जहां यूनियन आरआईएनएल को लेकर प्रदर्शन कर रही है। वही स्थानीय स्तर पर हो रहे विनिवेश के विरुद्ध चुप्पी साधे हुए हैं।इसको लेकर एफएसएनएल के कर्मचारियों में गुस्सा है ।
दिसंबर 2020 में फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पद के लिए इंटरव्यू होना था किंतु अब तक दो बार आगे बढ़ाया जा चुका है । वर्तमान में 8 जुलाई को इसके लिए साक्षात्कार किया जाना था। विगत तीन महीने से कंपनी का संचालन बिना पूर्णकालिक प्रबंध निदेशक के हो रहा है । अप्रैल 2021 में कंपनी के प्रबंध निदेशक राजीव भट्टाचार्य रिटायर हो चुके हैं ।
एफएसएनएल स्क्रैप प्रोसेसिंग और परिवहन में उपयोग होने वाली मशीन आदि काफी पुरानी हो चुकी है । वही प्रोसेस स्क्रैप को एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने के लिए आउटसोर्सिंग के तहत काम कराया जा रहा है। एफएसएनएल का मुख्यालय भी एचएससीएल मुख्यालय की तरह संयंत्र की ही जमीन पर बना हुआ है। इस तरह कंपनी संपदा मूल्यांकन बहुत ज्यादा होने की उम्मीद नहीं है ।बावजूद इसके लगातार फायदा कमाने वाली यह मिनीरत्न धातु उद्योग में काफी पकड़ रखती है।
फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड, एक मुनाफा कमाने वाली कंपनी है जो सीमित मैन पावर और आउटसोर्सिंग कांट्रैक्ट के जरिए इस्पात संयंत्रों में प्रोसेस के दौरान उत्पन्ना होने वाले स्क्रैप को प्रोसेस कर बेचने का कार्य करती है। वर्ष 2020 – 21 में जहां कंपनी ने 32 करोड़ रुपए का कर पूर्व लाभ कमाया था । वही इसका शुद्ध लाभ 23 करोड़ रुपए था।
एफएसएनएल की भिलाई इस्पात संयंत्र में इस्पात उत्पादन एवं स्क्रैप प्रोसेसिंग में बड़ी भूमिका है। कनवर्टर में उत्पादन में उपयोग होने वाली स्टील स्क्रैप को प्रोसेस करना हो या रिजेक्टेड स्लैब को साइज में काटकर बाजार में बिक्री हेतु उपलब्ध कराना हो । इसके साथ – साथ मकडम रेलमिल फाउंड्री से लेकर लगभग सभी जगह यह मुख्य रूप से स्क्रैप नियोजन में कार्यरत है । एक समय जब भिलाई इस्पात सयंत्र के उत्पादन में कमी आई थी । तब स्लैब प्रोसेसिंग से काफी आर्थिक मदद पहुंची थी ।



