बालोद जिला

भाजपा से निष्कासित नपा उपाध्यक्ष ने कराया मुंडन:झंडा पैरों के पास रखा, बोले- मेरे लिए पार्टी मर गई; गुस्साए भाजपाइयों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की

छत्तीसगढ़ के बालोद में भाजपा से निकाले गए दल्लीराजहरा नगर पालिका उपाध्यक्ष और पार्षद संतोष देवांगन ने अपना मुंडन कराकर विरोध जताया है। उन्होंने पार्टी को खुद के लिए मृत बताते हुए उसका झंडा भी पैरों के पास रखा और शोक सभा करके दो मिनट का मौन भी रखा। भाजपा का झंडा पैरों के पास रखना विवाद का कारण बन गया है। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।

भाजपा का झंडा पैरों के पास रखना विवाद का कारण बन गया है। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
भाजपा का झंडा पैरों के पास रखना विवाद का कारण बन गया है। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।

भाजपा ने वार्ड-10 से पार्षद व नगरपालिका उपाध्यक्ष संतोष देवांगन, वार्ड-26 से पार्षद टी ज्योति और वार्ड-19 से पार्षद मोईनुद्दीन खान को पार्टी से निकाल दिया था। तीनों पार्षदों पर साल 2020 में नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ कांग्रेस के पक्ष में मतदान का आरोप था। प्रदेश भाजपा संगठन मंत्री पवन साय ने नोटिस भेजा, जवाब नहीं देने पर कार्रवाई की गई। वहीं संतोष देवांगन का कहना है कि नोटिस का जवाब दिया था।

भाजपा ने झंडे के अपमान की शिकायत बालोद एसपी को सौंपी है।
भाजपा ने झंडे के अपमान की शिकायत बालोद एसपी को सौंपी है।

एक साल पहले कमल का साथ छोड़कर थामी थी झाड़ू
भाजपा से निकाले जाने के बाद संतोष देवांगन समर्थकों के साथ पुराना बाजार के वीर नारायण सिंह चौक पर पहुंचे और खुद का मुंडन करा दिया। इस दौरान भाजपा को मृत मानकर शोकसभा भी की और दो मिनट का मौन भी रखा। खास बात यह है कि संतोष देवांगन को भाजपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते अब निष्कासित किया है, लेकिन उन्होंने एक साल पहले ही आम आदमी पार्टी (AAP) जॉइन कर ली थी। अभी वे आप के जिला उपाध्यक्ष भी हैं।

पार्टी झंडे के अपमान पर पुलिस के पास पहुंचे कार्यकर्ता
भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे का सरेआम अपमान करने पर इसकी शिकायत पुलिस में की है। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने संतोष देवांगन के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा मंडल महामंत्री भूपेंदर सिंह छतवाल ने SP को बताया कि संतोष देवांगन को 9 जुलाई को अधिकृत रूप से निष्कासित कर दिया है। बावजूद इसके उन्होंने भाजपा के झंडे का अपमान किया। उनको गिरफ्तार किए जाने की मांग की है।

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