स्वास्थ्य विभाग का कारनामा दीपक ठाकुर को लाभ देने शासन से निर्धारित योग्यता को किया दरकिनार

शासन के नियमों से अलग हटके व्यक्तिगत लाभ पहुँचा रहे है
कई से महीनो कई बार मीडिया में प्रकाशित किया गया तब भी कोई कार्यवाही नही क्यो ?

कवर्धा :- स्वास्थ्य विभाग कवर्धा में वेतनवृद्धि के लिए शासन से निर्धारित अनिवार्य योग्यता को दरकिनार कर या यूं कहें समाप्त कर लिपिक दीपक ठाकुर को वेतनवृद्धि के आर्थिक लाभ देने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2013 में राज्य सरकार ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए नियम निर्देश जारी किया है जिसके नियम -10 के (3) में सहायक ग्रेड तीन में नियुक्त करने पर कर्मचारी को वेतनवृद्धि मिलना तभी शुरू होगा जब वह 5000 की डिप्रेशन प्रति घण्टा की गति से कम्प्यूटर में हिंदी टाइपिंग परीक्षा उत्तीर्ण कर ले। राज्य शासन के इसी नियम के तहत वर्ष 2015 में विभाग ने दीपक ठाकुर को सहायक ग्रेड तीन पर अनुकम्पा नियुक्ति दी है। यहाँ यह बताना लाजिमी होगा की मिली जानकारी के मुताबिक दीपक ठाकुर हिंदी टाइपिंग परीक्षा पास नहीं है इसलिए विभाग ने आदेश में इस योग्यता का उल्लेख किये बिना ही वर्ष 2017 में एक आदेश निकालकर एरियस सहित वेतनवृद्धि का लाभ दिया है।
बहरहाल ये तो जाँच का विषय है कि दीपक ठाकुर हिंदी टाइपिंग परीक्षा पास है कि नही और पास नहीं है तो विभाग ने अयोग्य होने पर भी कैसे वेतनवृद्धि का लाभ दिया। इसका सही खुलासा तो विस्तृत जाँच के बाद ही होगा।
यहाँ ये बताना लाजिमी है कि ये वही दीपक ठाकुर है, जिनके ऊपर फर्जी बिलो से जी एस टी चोरी और फर्मो के भुगतान चेक अपने नाम से काटने का साक्ष्य सहित शिकायत वाणिज्यिक कर मंत्री टी एस सिंहदेव से हुई है, जिस पर आयुक्त राज्य कर ने जाँच कार्यवाही के लिए कलेक्टर को पत्र भेजा है, जिसे सिविल सर्जन को दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ एस के तिवारी ने एक समाचार पत्र को अपने दिए बयान में उच्च कार्यालय से कराए पूर्व के एक जाँच का हवाल देते हुए क्लीनचिट दे दिया है। पूर्व के जाँच अधिकारी डॉ संजय खरसान खण्ड चिकित्सा अधिकारी स लोहरा ने समाचार पत्र को बताया है कि उन्होंने जी एस टी चोरी मामले का जाँच ही नहीं किया है।
ऐसे में इस मामले में भी जाँच होगी या यूं ही रफा दफा करने की षड्यंत्र रचा जाएगा ये कहना अभी जल्दबाजी होगी।


मामला मेरे आने के पहले का है। इस मामले का पूर्व में जाँच करवाया गया है। जाँच प्रतिवेदन सिविल सर्जन को भेज दिया गया है।
डॉ एस के मण्डल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
दीपक ठाकुर हिंदी टाइपिंग परीक्षा उत्तीर्ण है कि नही उसे कैसे इंक्रीमेंट दिया गया है मुझे जानकारी नही है। इस मामले का जाँच प्रतिवेदन कलेक्टर महोदय को भेज दिया गया है।
डॉ एस के तिवारी
सिविल सर्जन



