कबीरधाम विशेषकवर्धाछत्तीसगढ़ विशेष

अपनों पर वार! पूर्व विधायक चंद्रवंशी ने सरेआम उठाए पंडरिया विधायक की ‘नीति और नियत’ पर सवाल, सियासी हड़कंप

कवर्धा। छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार को ढाई साल क्या पूरे हुए, सत्ता की मलाई के बीच आंतरिक कलह का जिन्न भी बोतल से बाहर आ गया है। कवर्धा के पीजी कॉलेज डोम में चल रहे किसानों के भव्य कार्यक्रम में अनुशासन की दुहाई देने वाली भाजपा की गुटबाजी का ऐसा तमाशा दिखा, जिसने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। पंडरिया के पूर्व विधायक और पूर्व संसदीय सचिव मोतीराम चंद्रवंशी ने भरे मंच से, हजारों किसानों के सामने अपनी ही पार्टी की वर्तमान विधायक भावना बोहरा के खिलाफ ऐसा मोर्चा खोला कि बड़े-बड़े दिग्गज बगलें झांकने लगे।

तारीफ का बहाना, ‘नीति और नियत’ पर निशाना!

मंच पर सूबे के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा विराजमान थे, माहौल किसानों का था। मोतीराम चंद्रवंशी ने माइक संभाला और पहले तो भोरमदेव शक्कर कारखाने की जमकर तारीफ की। उन्होंने डिप्टी सीएम विजय शर्मा के नेतृत्व के कसीदे पढ़े कि यहां किसानों का एक रुपया भी बकाया नहीं है। लेकिन, यह तारीफ सिर्फ एक ‘ट्रेलर’ थी, असली पिक्चर तो इसके बाद शुरू हुई।

चंद्रवंशी ने बिना नाम लिए पंडरिया विधायक को लपेटे में लेते हुए दहाड़ा—

“जहां नेतृत्व सही होता है, और नीति-नियत साफ होती है, वहां किसानों का भुगतान समय पर होता है।”

सरदार पटेल कारखाने का बहाना, भावना बोहरा पर सीधा निशाना

इसके ठीक बाद उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना (पंडरिया) की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोल दिया। उन्होंने खुलेआम कहा कि वहां हजारों किसानों की रिकवरी की राशि पिछले चार महीने से अटकी पड़ी है। इसलिए उन्हें (पूर्व विधायक को) खुद अधिकारियों से मिलकर भुगतान के लिए मिन्नतें और दबाव बनाना पड़ रहा है।

अंदरूनी जंग अब सरेआम, संगठन में खलबली

राजनीतिक के जानकार साफ कह रहे हैं कि चंद्रवंशी का यह तीर सीधे पंडरिया विधायक भावना बोहरा के ‘पॉलिटिकल करियर’ और उनकी साख पर किया गया तगड़ा हमला है। भरी सभा में अपनी ही पार्टी के सिटिंग एमएलए की “नीति और नियत” पर सवाल उठाना यह साफ करता है कि कवर्धा-पंडरिया भाजपा में अंदरूनी आग किस कदर भड़क रही है।

Related Articles

Back to top button