

रेलवे का कहना है कि इस फैसले का मकसद टिकट चोरी रोकना, रेलवे के राजस्व की सुरक्षा करना और यात्रियों में नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है. नए प्रावधानों के तहत पकड़े जाने पर यात्रियों को न केवल किराया चुकाना होगा, बल्कि अतिरिक्त जुर्माना भी देना पड़ेगा.
बिना टिकट यात्रा पर अब 500 रुपए का न्यूनतम जुर्माना
रेलवे के नए नियमों के अनुसार बिना वैध टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है. यह नियम उन यात्रियों पर भी लागू होगा जो बिना टिकट यात्रा कर रहे हों, किसी दूसरे व्यक्ति के टिकट पर सफर कर रहे हों, गलत टिकट लेकर यात्रा कर रहे हों या टिकट में निर्धारित दूरी से आगे निकल गए हों.
सिर्फ जुर्माना नहीं, पूरा किराया भी देना होगा
यदि कोई यात्री बिना टिकट पकड़ा जाता है तो उसे यात्रा किए गए वास्तविक रूट का पूरा किराया चुकाना होगा. इसके अलावा 500 रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी देना पड़ेगा. यानी बिना टिकट यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा महंगी साबित हो सकती है.
रेलवे अधिनियम की धारा 137 और 138 में बदलाव
यह संशोधन Railways Act, 1989 की धारा 137 और 138 के तहत लागू किया गया है. केंद्र सरकार ने Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Act, 2026 के जरिए इन प्रावधानों को सख्त बनाया है. रेलवे का मानना है कि इससे टिकट जांच व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम लगेगी.
जुर्माना नहीं देने पर कोर्ट तक पहुंच सकता है मामला
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश मामलों में टिकट परीक्षक या अधिकृत रेलवे कर्मचारी मौके पर ही जुर्माना वसूलते हैं. लेकिन यदि यात्री भुगतान करने से इनकार करता है या जुर्माना नहीं देता तो मामला अदालत तक पहुंच सकता है. रेलवे अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की जेल, एक हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है.
रेलवे क्यों कर रहा है सख्ती?
देशभर में रोजाना करोड़ों लोग ट्रेनों से सफर करते हैं. रेलवे का कहना है कि टिकट चोरी और अनियमित यात्रा से हर साल करोड़ों रुपए का नुकसान होता है. इसलिए जुर्माना बढ़ाकर यात्रियों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. हाल के वर्षों में रेलवे ने टिकट जांच अभियान भी तेज किए हैं, जिनमें लाखों यात्रियों से जुर्माना वसूला गया है.
रेलवे की यात्रियों से अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें और टिकट जांच के दौरान रेलवे कर्मचारियों का सहयोग करें. रेलवे का कहना है कि नियमों का पालन करने से न केवल यात्री जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से बचेंगे, बल्कि रेलवे सेवाएं भी अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेंगी.



