धनकुबेर अधिकारी पर ACB का शिकंजा और कसा: बैंक लॉकर से मिले ₹1.50 करोड़, दो और लॉकर खुलने बाकी

हैदराबाद में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में गिरफ्तार लैंड रिकॉर्ड्स विभाग के डिप्टी डायरेक्टर नरहरी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शालीबंडा स्थित केनरा बैंक में उनके एक बैंक लॉकर की तलाशी ली, जहां से ₹1.50 करोड़ नकद बरामद हुए। जांच एजेंसी के अनुसार, नरहरी के दो अन्य बैंक लॉकर अभी खोले जाने बाकी हैं, जिनसे और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
पहले घर से भी मिला था ₹1.54 करोड़ कैश
ACB अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले आरोपी अधिकारी के आवास पर की गई छापेमारी में ₹1.54 करोड़ नकद जब्त किए गए थे। इसके अलावा, नरहरी के बैंक खातों में जमा करीब ₹5 करोड़ की राशि को भी फ्रीज़ कर दिया गया है। बैंक लॉकर से मिली भारी नकदी ने जांच को और गंभीर बना दिया है।
14 दिनों की न्यायिक हिरासत में आरोपी
आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार नरहरी को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ACB अब उनके वित्तीय लेन-देन, निवेश और संपत्ति के स्रोतों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर वित्तीय पहलू की पड़ताल की जा रही है।
करोड़ों की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं जब्त
जांच के दौरान ACB ने नरहरी से जुड़ी 1.24 एकड़ जमीन, 4 फ्लैट और 2 भवनों सहित कई अचल संपत्तियां भी जब्त की हैं। इन संपत्तियों की घोषित कीमत करीब ₹13.05 करोड़ बताई गई है, जबकि बाजार मूल्य के आधार पर इनकी अनुमानित कीमत ₹200 करोड़ से अधिक आंकी जा रही है।
जांच का दायरा बढ़ने के संकेत
ACB सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में अन्य लॉकरों की तलाशी तथा वित्तीय दस्तावेजों की जांच से कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।


