बड़ी सदृश्य को अंजाम देने के फिराक में; 5 की गिरफ्तारी से बौखलाए माओवादी | नक्सली कमांडर गावड़े के बॉर्डर पर होने की जानकारी; 5 नक्सलियों की गिरफ्तारी से नक्सलियों में खलबली मच गई

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धमतरी2 घंटे पहलेलेखक: अजय देवांगन
धमतरी शहर के बस स्टैंड पर 15 जनवरी को 5 शराबियों की एक साथ गिरफ्तारी होने के बाद से जिला बेटियों के निशाने पर है। यहां किसी भी बड़े दृश्य को कर सकते हैं। ऐसे में सीआरपीएफ और डीआरजी ने सुरक्षा की संभावनाओं को और मजबूत किया है। कार्रवाई से प्रभावित करीब 50 गांवों में फोर्स उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है।
सीआरपीएफ कमांडर खुद मोर्चा संभालकर अति संवेदनशील इलाके में घुस रहे हैं। डीएसपी आरके मिश्रा स्वयं डीआईजी और सीएफ के साथ सर्च कर रहे हैं। फोर्स के दबाव से जवानों के मरने का डर रहता है। इंटेलीजेंस कमांडर सत्यम गावड़े धमतरी के अलावा कांकेर, गरियाबंद और जंगल की सीमाओं पर सक्रिय है। धमतरी के एलोस का मोर्चा वर्तमान रामदास और टिकेश्वर को चुना गया है। दुर्घटना की घटना की सूचना के बाद एसपी प्रशांत ठाकुर ने 25 जनवरी को फोर्स से ट्रस्ट डिसऑर्डर की और आगे की रणनीति बनाई।

जंगल में खोज।
3 राज्यों में कई बड़े दृश्यों को दिया अंजाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार की गई महिला सुगुणा उर्फ कमला ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और संबंधित क्षेत्रों में कई बड़ी जिम्मेदारियां एकसमान को अंजाम दिया है, जिस पर एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने मामला दर्ज किया है। एनआईए ने कमला से भी पूछताछ की है। मारे गए पत्रकार ने प्रेस नोट जारी कर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी भी दी, इसलिए फोर्स 24 घंटे अलर्ट मोड पर है। बोराई की सीआरपीएफ कंपनी गरियाबंद में डेरा डाली गई, जबकि कोंडागांव से एक और कंपनी बोराई पहुंचती है।

जंगल में की जा रही खोज।
इन जर्नलिस्ट फोर्स ने घोर अपराध किया है
डीआरजी, सीआरपीएफ मांदागिरी, खल्लारी, आमबहार, गादुल बाहरा, आमझर, ठेनही, उजरावन, बिरनासिल्ली, बहीगांव, संद बाहरा, रिसगांव, करही, गाटा बाहरा सहित 50 से अधिक चौकों को तलाशी की जा रही है। वर्तमान में क्रिएटो की मौजूदगी की खबर गांव के घनघोर जंगल में मिली है।

फोर्स अलर्ट।
मैनपुर नौपाड़ा डिवीजन में काम कर रहे हैं
धमतरी के बोराई क्षेत्र गरियाबंद, ओडिशा, कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, दांते वेरागारा, क्षेत्रों में आने के लिए कोरीडोर है। सितानदी दलम, गोबरा दलम और मैनपुर क्षेत्रीय समिति के अधिकारिता मैनपुर नुआपाड़ा डिवीजन के तहत काम कर रहे हैं। धमतरी, गरियाबंद, उड़ीसा, महासमुंद और नौरंगपुर आते हैं। ये सिर चौथाई हैरान करने वाला है। अति संवेदनशील संवेदनशील गांव में यह भी चर्चा है कि इन दिनों दोषी गांव-गांव में बैठक लेकर दावों को हितैषी होने का झांसा दे रहे हैं और उन्हें अपने साथ जोड़कर अभियान चलाने में जुटे हैं। हालांकि फोर्स के दबाव से डराने वालों के पांव उखड़े हुए हैं।

5 बॉयफ्रेंड की गिरफ्तारी हुई थी।
फोर्स ने सुरक्षा घेरा- डीएसपी
कॉलोनाइजर ऑपरेशन के डीएसपी आरके मिश्रा ने कहा कि शहर में 5 लड़कों की गिरफ्तारी हुई है। खुफिया जानकारी के अनुसार, अपतटीय क्रोध में हैं। छोटा-बड़ा नहीं हो सकता, इसलिए सुरक्षा घोटालों का दायरा बढ़ता जा रहा है। 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के लिए फोर्स को हिदायत दी गई है।
15 जनवरी को 5 बेटियों की गिरफ्तारी हुई थी
धमतरी जिला मुख्यालय से 15 जनवरी को पुलिस ने 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया था। इनमें 2 महिलाएं और 2 पुरुष बेटियों के साथ एक नाबालिग भी शामिल है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली कैडर की 50 साल की डीवीसी (डिविजनल कमेटी में बर) कमला बाई उर बिच्चे पुंगटी का इलाज लुक धमतरी लेकर आए थे। पुलिस ने उन मुखबिरों की सूचना पर गिरफ्तार किया था। डीवीसीएम पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित है। मामला सिटी कोतवाली क्षेत्र का है।

कानूनी पर्चा।
दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि बस स्टैंड में स्थित रैनबसेरा के सामने एक गाड़ी में कुछ संदिग्ध लोग हैं। मुखबिर की इसी सूचना के बाद पुलिस स्थानों पर पहुंचें। मुखबिर के बताए अनुसार गाड़ी के पास पहुंचे तो इनमें से एक नाबालिग समेत पांच लोग बैठे थे। संदेह के आधार पर सील ने सभी को हिरासत में ले लिया। जिसके बाद सभी से पूछताछ की गई। पुलिस ने 50 साल की एक महिला कमला बाई मट्टामी बिल्कुल सगुना बिल्कुल बिचा जगना की पहचान हार्डकोरी के रूप में की। पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…
यह भी हुआ निरीक्षक
नाबालिग कमला बाई के साथ नाबालिग जिसमें मनत राम पोया (27), मनी जुर्रे (30), सुजन बाछर भी शामिल थे। उनकी पहचान भी पहचानकर्ताओं के रूप में की गई है। शोकग्रस्त माओवादियों के मध्य क्षेत्रीय ब्यूरो के प्रवक्ता ने प्रेस नोट जारी किया है। प्रेस नोट के माध्यम से प्रताप ने कहा कि 57 साल की महिला माओवादी कमला बिल्कुल बिच्छे पुंगटी गांव में एक सामान्य जीवन जी रही थी। बीमार होने की वजह से वह छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में इलाज होने लगी थी। उसे ग्लूकोस था। लेकिन, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
प्रताप ने कहा कि वर्ष 2008 में इसे केरल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। फिर जेल भेज दिया गया। कुछ सालों तक जेल में रहने के बाद साल 2013 में बरबाद हो गया था। जिसके बाद से संगठन के किसी भी काम में शामिल नहीं हुआ था। गांव में अन्य विवरण के साथ साधारण साधारण जीवन जी रहा था। माओवादी नेता ने कहा कि बिच्चे करीब 10 साल से बीमार हैं। उसका इलाज काम करने के दौरान उसे जेल में डाल दिया गया। माओवादियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…
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