छत्तीसगढ़ विशेषरायपुर जिला

नशा मुक्ति के‎ कार्यक्रम में मौजूद‎ थे स्कूली छात्र‎, छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री ने क्या कहा,जानिए पूरी जानकारी और देखिए विडियो

रायपुर| शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम का शराब प्रेम उमड़ कर सामने आया है. ये प्रेम तब सामने आया है जब वे नशा मुक्ति कार्यक्रम के मंच से बोल रहे थे. उस वक्त वहां कई स्कूली बच्चे भी मौजूद थे. इस दौरान शिक्षा मंत्री ने न केवल शराब पीने के सही तरीकों के बारे में बताया, बल्कि हरिवंशराय बच्चन की कविता का जिक्र करते हुए उन्होंने ये भी कहा कि एक कराती मधुशाला

बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में‎ मंगलवार को नशा मुक्ति से जुड़े एक कार्यक्रम में‎ नशे से दूर रहने की शिक्षा देने गए शिक्षा मंत्री प्रेम‎ साय सिंह टेकाम शराब के फायदे गिनवा आए.‎ हद तो तब हो गई कि वे यहां तक बताने लगे कि‎ शराब में कितना पानी मिलाया जाए, उन्होंने अपनी‎ बात को मजबूत करने के लिए ख्यात कवि हरिवंशराय‎ बच्चन की कविता का भी जिक्र कर दिया.‎ शिक्षामंत्री ने नशा मुक्ति के कार्यक्रम में‎ कलेक्टर और एसपी की मौजूदगी में ख्यात कवि‎ हरिवंश राय बच्चन की कविता की पंक्तियों का‎ उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर मस्जिद झगड़ा‎ कराते हैं और मधुशाला एक कराती है, लेकिन‎ इसमें भी आत्मनियंत्रण होना चाहिए.

मंत्री यहीं‎ नही रुके और आगे कहा कि हम एक मीटिंग में‎ गए थे, वहां एक शराब के पक्ष में बोल रहा था,‎ तो दूसरा उसका नुकसान बता रहा था. हम भी‎ कभी-कभी उसका उपयोग करते हैं, चुनाव में‎ उपयोग करते हैं, बाकी जगहों में भी उपयोग‎ करते हैं.

मंत्री ने शराब का बखान करते हुए कहा कि दारू‎ का मतलब डी. शराब में यदि पानी मिलाएंगे, तो‎ उसमें डायल्यूशन (पतला करने की प्रक्रिया)‎ होना चाहिए, कितना डायल्यूशन हो, जितना हो‎ सकता है, उतना हो. फिर उसमें ड्यूरेशन‎ (समय) होना चाहिए। ये नहीं की एक बार में ही‎ घट-घट कर मार दिए

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