छत्तीसगढ़ विशेष

सभी जिम्मेदार अधिकारियों से गुहार लगाई:दृष्टिहीन ने की मनरेगा में मजदूरी, अब एक साल से भुगतान नहीं कर रहे अफसर

ब्लॉक क्षेत्र के जामडीह ग्राम पंचायत निवासी ग्रामीणों को मनरेगा की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। इसमें एक ऐसा ग्रामीण भी शामिल है, जो दोनों आंखों से अंधा होने के बाद भी मनरेगा में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उदयपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत जामडीह के हनुमानगढ़ निवासी सूरदास राम प्रजापति ने गांव के ग्रामीणों के साथ एक साल पहले मनरेगा में काम किया था, जिसका भुगतान कर्मचारी और अधिकारियों की लापरवाही के कारण नहीं हो सका है।

पीड़ित व्यक्ति ने मजदूरी भुगतान करने रोजगार सहायक के साथ ग्राम सभा में सरपंच-सचिव के साथ मौजूद लोगों के बीच गुहार लगाई। इसके बाद भी एक साल में अब तक मजदूरी नहीं मिली है। सूरदास ने कहा मुझ जैसे लोगों का पैसा पंचायत और जनपद अधिकारी नहीं दे सके हैं। तो ऐसे कितने मामले ऑफिस के दफ्तर में दबे होंगे। मुझे मेरे परिवार की जिम्मेदारी है। मामले की जानकारी के लिए सचिव पुनियासो बाई को कई बार फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो सका। गांव के निवासी अशोक सिरदार, सुखदेव राम सहित अन्य ने बताया कि एक साल पहले मनरेगा के तहत गांव के फुलेश्वरी व अशोक की जमीन में डबरी का निर्माण किया गया और लोचन की निजी जमीन पर तालाब गहरीकरण का काम चल रहा था। इस दौरान सूरदास ने भी काम किया था, जहां 3 सप्ताह में 54 हाजिरी जॉब कार्ड क्रमांक CH05003602001062/88 में भरी गई है।

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